नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी ट्रेड डील में देश बेच दिया है। आपकी मेहनत को खून-पसीने को बेच दिया है, क्योंकि वे कॉम्प्रोमाइज्ड हैं। राहुल ने कहा- नरेंद्र मोदी डरे हुए हैं, क्योंकि जिन्होंने उनकी इमेज बनाई वे अब यह इमेज तोड़ रहे हैं। अमेरिका में अडानी पर केस है, यह असल में मोदी पर केस है। वो मोदी जी के फाइनेंशियल स्ट्रक्चर को टारगेट कर रहे हैं। इसके जवाब में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शाम को ट्रेड डील पर पहला बयान दिया। उन्होंने कहा कि राहुल देश को गुमराह कर रहे हैं। कृषि-डेयरी क्षेत्र को संरक्षित रखा जाएगा। इस डील पर दोनों देश जल्द साझा बयान जारी करेंगे। दरअसल, ट्रम्प ने सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 103% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि भारत अब रूस से तेल खरीदना अब बंद कर देगा। राहुल ने कहा- एपस्टीन फाइल्स में और भी बहुत कुछ राहुल ने आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल्स में और भी बहुत कुछ है जो अमेरिका ने अभी तक रिलीज नहीं किया है। उसकी वजह से भी पीएम पर प्रेशर है। ये दो प्रेशर पॉइंट्स हैं। देश को यह समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं। राहुल ने कहा कि इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति के भाषण पर नेता विपक्ष को बोलने नहीं दिया गया है। जनता को इस बारे में सोचने की जरूरत है। पीयूष गोयल के बयान की 4 बड़ी बातें जयराम रमेश बोले- वॉशिंगटन में मोगैम्बो खुश कांग्रेस ने अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने X पर लिखा- वॉशिंगटन में मोगैम्बो खुश है। ऐसा लग रहा है कि PM मोदी ने आखिरकार हार मान ली है। कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया पर सरकार से सवाल पूछा। लिखा अमेरिका की कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस ने कहा है – अब अमेरिका के किसानों के प्रोडक्ट भारत के बाजार में बिकेंगे। इससे अमेरिका के ग्रामीण इलाकों में पैसा आएगा। अमेरिका के किसानों के लिए भारत का मार्केट बेहद जरूरी है। ट्रम्प ने इस डील से अमेरिका के किसानों का फायद कराया है। ये भारत के लिए बेहद चिंताजनक है। अमेरिका की कृषि मंत्री के बयान से साफ है कि मोदी सरकार ने भारत के किसानों के हितों को नजरअंदाज करके ये डील की है। इस फैसले से भारत में किसानों को नुकसान होगा। अब उन्हें अपने ही देश में अमेरिका के किसानों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी। ये पूरी तरह से भारत के किसानों पर वार है। नरेंद्र मोदी को जवाब देना चाहिए कि उन्होंने भारत के किसानों के हितों का सौदा क्यों किया। ट्रम्प बोले- भारत हमसे 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा ट्रम्प ने सोशल मीडिया ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट के जरिए PM मोदी के साथ फोन पर बातचीत और भारत के साथ ट्रेड डील की जानकारी दी। उन्होंने लिखा- भारत के प्रधानमंत्री मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। हमने कई मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें व्यापार और रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करना भी शामिल था। प्रधानमंत्री मोदी ने सहमति जताई कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेंगे और अमेरिका से कहीं ज्यादा तेल खरीदेगा। इसके अलावा वेनेजुएला से तेल खरीदने की संभावना पर भी बात हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘बाय अमेरिकन’ को लेकर भी बड़ी प्रतिबद्धता जताई है। इसके तहत भारत हमसे 500 अरब डॉलर से ज्यादा के ऊर्जा, तकनीक, कृषि, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदेगा। मुझे पूरा भरोसा है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते आगे और भी मजबूत होंगे। PM मोदी ने भी ट्रम्प को शुक्रिया कहा ट्रम्प के पोस्ट के बाद PM मोदी ने भी X पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- मुझे राष्ट्रपति ट्रम्प से बात करके बहुत खुशी हुई। यह जानकर बेहद संतोष है कि अब मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है। इस शानदार फैसले के लिए मैं भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रम्प का दिल से धन्यवाद करता हूं। ……………………….. भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया:ट्रम्प बोले- रूस से तेल नहीं खरीदेगा भारत, वेनेजुएला से लेगा; PM मोदी ने कहा- शुक्रिया भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से जिस ट्रेड डील का इंतजार था, 2 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उसकी घोषणा कर दी। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ (जैसे को तैसा) को 25% से घटाकर 18% कर दिया है। ट्रम्प ने सोमवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। इसके बाद रात करीब 10:30 बजे ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रेड डील की घोषणा की। पूरी खबर पढ़ें… अमेरिका-चीन के बीच फंसा भारत, अब कम ताकतवर देशों से बढ़ा रहा दोस्ती कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पिछले महीने स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के मंच से कहा था कि दुनिया की पुरानी व्यवस्था ‘टूट’ रही है। अब मध्यम ताकत वाले देशों को साथ लाकर काम करना होगा। दावोस में अपने भाषण में कार्नी ने न तो ट्रम्प प्रशासन का नाम लिया और न ही उन अमेरिकी टैरिफ का जिक्र किया, जिनकी वजह से पुराना ग्लोबल सिस्टम हिल गया। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिकी ट्रेड डील पर राहुल बोले- मोदी ने देश बेचा:अडाणी पर केस, एपस्टीन फाइल्स से पीएम डरे हुए; सरकार बोली- राहुल गुमराह कर रहे
By worldprime
On: फ़रवरी 3, 2026 1:09 पूर्वाह्न
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