असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के भाजपा जॉइन करने की अटकलों पर आखिरकार मुहर लग गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार शाम बोरा के घर जाकर उनसे मुलाकात की। इसके बाद CM ने बोरा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि वे 22 फरवरी को पार्टी की सदस्यता लेंगे। बोरा ने एक दिन पहले कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। उन्होंने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के को अपना इस्तीफा पत्र सौंपा। बोरा ने अपने इस्तीफे में लिखा था कि उन्हें पार्टी नेतृत्व की ओर से नजरअंदाज किया जा रहा है। हालांकि, उनके इस्तीफे को लेकर आज पूरे दिन असमंजस की स्थिति रही। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (AICC) इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने कल कहा था कि बोरा ने इस्तीफा वापस ले लिया है। जितेंद्र सिंह ने कहा था कि राहुल गांधी ने बोरा से 15 मिनट बात की है। भूपेन बोरा ने कहा था कि वे इस्तीफे पर मंगलवार को अंतिम निर्णय लेंगे। बोरा ने कहा- 32 साल बाद मैंने कांग्रेस से इस्तीफा दिया है। अब समय लेकर सोचने की आवश्यकता है। कई वरिष्ठ नेताओं और साथी पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुझसे सभी पहलुओं पर विचार करने को कहा है। हिमंता बोले- बोरा की तरह मैंने भी दर्द सहा हिमंता ने बोरा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भाजपा में शामिल होने से भोरा सच्ची छवि बनेगी। भूपेन बोरा के साथ गुवाहाटी और उत्तरी लखीमपुर में कांग्रेस के कई नेता 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे। हिमंता ने कहा- कांग्रेस अब असमिया लोगों की पार्टी नहीं रही। पार्टी चुनाव जीतने के लिए संघर्ष नहीं कर रही है। कोई भी सच्चा कांग्रेसी इस बात से दुखी होगा। मैंने भी यही दर्द सहा है। जब मैं भाजपा में शामिल होने गया था, तब मुझे भी ऐसे फोन आते थे। ये लोग सामंतों की तरह जीते हैं। उन्हें लगता है कि एक फोन करने से फैसला बदल जाएगा। असम CM ने आगे कहा- भूपेन बोरा को भाजपा में पूरा सम्मान और गरिमा दी जाएगी। भाजपा में शामिल होना उनके लिए घर वापसी जैसा होगा क्योंकि यह एक ऐसी पार्टी है जिसमें उनके जैसे कई लोग हैं, जिनके पिता किसी उच्च पद पर नहीं रहे। गौरव गोगोई ने बोरा को मनाने की कोशिश की थी बोरा को मनाने के लिए पूर्व असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, सांसद प्रद्युत बोरदोलोई और नेता विपक्ष देबाब्रत सैकिया सोमवार को उनके निवास पहुंचे थे। गौरव गोगोई ने उनसे माफी तक मांगी थी। गौरव गोगोई ने बोरा से मुलाकात के बाद कहा कि भूपेन पार्टी के लिए एक मजबूत स्तंभ हैं। हमेशा राज्य में नकारात्मक ताकतों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। अगर उन्हें किसी मुद्दे से आघात पहुंचा हो, तो मैं छोटे भाई के रूप में उनसे माफी मांगता हूं। 32 साल से कांग्रेस से जुड़े थे बोरा, दो बार विधायक रहे असम में 126 विधानसभा सीटों पर मार्च-अप्रैल में चुनाव होने की संभावना है। भूपेन बोरा राज्य में कांग्रेस के बड़े नेता थे। वे 32 साल से कांग्रेस से जुड़े थे। वे 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं और दो बार विधायक रह चुके हैं। बोरा 2026 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर बिहपुरिया या रंगनदी से चुनाव लड़ सकते हैं। सीएम हिमंता ने BJP में आने का ऑफर दिया था मुख्यमंत्री हिमंता ने बोरा को कल ही BJP में शामिल होने का ऑफर दिया था। हिमंता ने कहा कि अगर बोरा BJP में आते हैं, तो हम उन्हें सुरक्षित सीट से चुनाव लड़वाने में मदद करेंगे। अगर वह शामिल नहीं होते हैं, तो भी हम उन्हें शुभकामनाएं देंगे। सरमा ने बोरा को कांग्रेस का ‘अंतिम हिंदू नेता’ बताते हुए कहा कि उनका परिवार सामान्य है और कांग्रेस में सामान्य परिवार से आने वाले नेताओं को पहचान नहीं मिलती। हिमंता ने कहा कि BJP में उन्हें साधारण परिवार से आने के बावजूद मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। बोरा के भाजपा में जाने के राजनीतिक मायने 2026 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बोरा के भाजपा में शामिल होने की खबर कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। भूपेन बोरा असम कांग्रेस में हिंदू खिलंजिया असमिया समुदाय के प्रमुख नेता थे। उनके इस्तीफे से कांग्रेस को ऊपरी असम (उजनी असम) और उत्तरी असम में लगभग 45 विधानसभा सीटों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वर्तमान में कांग्रेस के पास प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई और नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया के सिवा कोई बड़ा हिंदू असमिया नेता नहीं बचा है। हिंदू बेल्ट में पहले से ही वोट बैंक खो रही कांग्रेस के लिए भूपेन बोरा का जाना बहुत बड़ा नुकसान साबित होगा। तीन बार के विधायक रहे अब्दुल रशीद मंडल ने कांग्रेस छोड़ी बोरा के इस्तीफे के कुछ घंटे के बाद असम में कांग्रेस को एक और झटका लगा था। तीन बार से कांग्रेस विधायक अब्दुल रशीद मंडल कांग्रेस छोड़कर रायजोर दल में शामिल हो गए। मंडल ने कहा कि मैं रायजोर दल में शामिल होकर गोगोई के हाथ मजबूत करने के लिए काम करूंगा। हालांकि, कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा था कि मंडल ने पार्टी को अभी तक औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है। ———– ये खबर भी पढ़ें… हिमंता शूटिंग वीडियो मामला, सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार:कहा- चुनाव से पहले कोर्ट का दरवाजा खटखटाना ट्रेंड बन गया है, इसे प्लेग्राउंड मत बनाइए सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ वायरल वीडियो पर कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। वीडियो में सीएम को एक खास समुदाय के सदस्यों पर राइफल से निशाना साधते और फायरिंग करते हुए दिखाया गया था। पूरी खबर पढ़ें…
असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भाजपा जॉइन करेंगे:22 फरवरी को सदस्यता, CM हिमंता ने मुलाकात की; बोरा ने एक दिन पहले कांग्रेस छोड़ी थी
By worldprime
On: फ़रवरी 17, 2026 8:09 पूर्वाह्न
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