डिस्लेक्सिया जैसी गंभीर बीमारी, पढ़ाई में कमजोरी और बार-बार टूटते सपनों के बावजूद आदित्य धर ने हार नहीं मानी। मुंबई आकर उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया। कभी स्क्रिप्ट चोरी हुईं, तो कभी फिल्में शूटिंग से ठीक पहले बंद हो गईं। कई बार लगा कि अब सफर खत्म हो गया, लेकिन उन्होंने हर बार खुद को संभाला और एक कोशिश और की। उनकी मेहनत रंग लाई जब ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ रिलीज हुई और ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात पहचान दिला दी। इसके बाद उन्होंने बड़े स्तर पर काम शुरू किया और खुद को एक मजबूत फिल्ममेकर के रूप में स्थापित किया। हाल ही में आई धुरंधर ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी है, जिसे उनकी अब तक की सबसे बड़ी फिल्मों में माना जा रहा है। आज की सक्सेस स्टोरी में आइए जानते हैं आदित्य धर के करियर और निजी जीवन से जुड़ी कुछ और बातें.. मां की कला ने बनाया स्टोरीटेलर मेरी मां दिल्ली यूनिवर्सिटी के म्यूजिक और फाइन आर्ट्स फैकल्टी की डीन थीं और एक क्लासिकल म्यूजिशियन भी। हमारे घर में हमेशा कला, संगीत और थिएटर का माहौल रहा। बड़े-बड़े कलाकार घर आते थे, हम प्ले देखने जाते थे, और क्लासिकल म्यूजिक सुनना रोजमर्रा का हिस्सा था। इसी माहौल ने मुझे कहानियों को महसूस करना सिखाया। मैं पढ़ाई में भले कमजोर था, लेकिन कला को समझने और उससे जुड़ने में हमेशा आगे रहा। य
आदित्य धर की लिखी स्क्रिप्ट्स चुराकर हिट फिल्में बनीं:शूटिंग से पहले कई प्रोजेक्ट बंद हुए, डिस्लेक्सिया बीमारी को हराकर बने बॉलीवुड के धुरंधर
By worldprime
On: मार्च 20, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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