क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड राजनीति जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी छत्तीसगढ़

---Advertisement---

ईरान की मदद क्यों नहीं कर रहे हूती विद्रोही:9 दिन बाद भी जंग से दूर शिया लड़ाके, समर्थन में सिर्फ बयान दे रहे

On: मार्च 9, 2026 5:29 पूर्वाह्न
Follow Us:
ईरान की मदद क्यों नहीं कर रहे हूती विद्रोही:9 दिन बाद भी जंग से दूर शिया लड़ाके, समर्थन में सिर्फ बयान दे रहे
---Advertisement---

इजराइल और अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव फैल गया है। इस जंग में ईरान, इजराइल,सऊदी, लेबनान, UAE जैसे मिडिल ईस्ट के कुल 12 देश शामिल हो चुके हैं। हालांकि जंग के 20123 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक यमन इससे दूर है। यमन में हूती विद्रोही रहते हैं जो कि ईरान के सहयोगी माने जाते हैं। अक्टूबर 2023 में गाजा जंग शुरू होने के बाद कई बार इजराइल और हूती विद्रोही एक-दूसरे पर हमला कर चुके हैं। पिछले साल जून में इजराइल और ईरान के बीच 12 दिन जंग चली थी, तब भी हूती विद्रोही इस जंग में शामिल थे। हालांकि इस बार 28 फरवरी से जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले शुरू किए, तब से अब तक हूती विद्रोहियों ने ईरान का समर्थन केवल बयानों के जरिए ही किया है। हालांकि यह साफ नहीं है कि वे आगे भी इस जंग से दूर रहेंगे या नहीं। अमेरिका-इजराइल के हमले से बचना मकसद अल जजीरा के मुताबिक एक्सपर्ट्स का यह मानना है कि हूती जंग में हिस्सा लेंगे। फिलहाल उनका इससे दूर रहना किसी रणनीति से जुड़ा हो सकता है। मिडिल ईस्ट मामलों पर नजर रखने वाले लुका नेवोला ने अल जजीरा से कहा कि हूती विद्रोहियों की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि अमेरिका और इजराइल की सीधी जवाबी कार्रवाई से बचा जाए। पिछले साल अगस्त में इजराइल ने यमन में हवाई हमले किए थे, जिनमें हूती सरकार के कम से कम 12 सीनियर मेंबर मारे गए थे। इनमें प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी और आर्मी चीफ मोहम्मद अल-घुमारी भी शामिल थे। यह हूती विद्रोहियों के लिए बहुत बड़ा नुकसान था। अमेरिका तथा इजराइल के साथ टकराव में उनकी सबसे बड़े नुकसान में से एक माना गया था। इजराइल के हमलों के बाद हूती विद्रोही सतर्क हुए इस घटना और पिछले साल हुए अन्य हमलों के बाद हूती लीडरशिप अब ज्यादा सतर्क हो गया है। उन्हें डर है कि अगर वे बड़ा कदम उठाते हैं तो उनके नियंत्रण वाले इलाकों पर भारी हवाई हमले हो सकते हैं। नेवोला के मुताबिक हूती विद्रोहियों को इजराइल की खुफिया क्षमता से भी डर है और उन्हें आशंका है कि उनकी टॉप लीडरशिप को निशाना बनाया जा सकता है। हालांकि पिछले साल के नुकसान के बावजूद हूती विद्रोही पूरी तरह कमजोर नहीं हुए हैं और वे अब भी अपने विरोधियों पर हमले करने की क्षमता रखते हैं। नेवोला के अनुसार अगर अमेरिका या इजराइल सीधे उन पर हमला करते हैं या यमन में उनके विरोधी गुट उनके खिलाफ फिर से सैन्य अभियान शुरू करते हैं, तो हूती फिर से हमले तेज कर सकते हैं। हूती विद्रोही बोले- जंग के लिए तैयार हैं हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने इस सप्ताह कहा कि यमन ईरान और वहां की जनता के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि उनके सैनिक युद्ध के लिए तैयार हैं और हालात के हिसाब से किसी भी समय सैन्य कार्रवाई शुरू की जा सकती है। यमनी राजनीतिक विश्लेषक सदाम अल-हुरैबी का कहना है कि अगर ईरान उनसे मदद मांगेगा तो हूती युद्ध में शामिल हो सकते हैं। उनके मुताबिक तेहरान फिलहाल अपने सभी विकल्प एक साथ इस्तेमाल नहीं करना चाहता और वह आने वाले समय के लिए हूती विद्रोहियों को एक अहम ताकत के रूप में बचाकर रखना चाहता है। अल-हुरैबी ने कहा कि अगर अमेरिका और इजराइल के हमले नहीं रुकते, तो हूती लंबे समय तक चुप नहीं बैठेंगे। उनके अनुसार सना और हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले अन्य इलाकों में युद्ध की तैयारी चल रही है। हूती विद्रोहियों के पास रेड सी में फिर से अशांति फैलाने की क्षमता है। वे ड्रोन और मिसाइल के जरिए इजराइल पर भी हमला कर सकते हैं। अल-हुरैबी का कहना है कि ऐसा होना लगभग तय है, बस यह हूती विद्रोहियों और ईरान के तय समय पर निर्भर करेगा। हूती विद्रोहियों के पास कई लक्ष्यों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने की क्षमता है। नेवोला के अनुसार अगर युद्ध लंबा चलता है और हूती विद्रोहियों को सीधे खतरा महसूस होता है, तो वे अपने हमलों का दायरा बढ़ाकर इजराइल, अमेरिकी युद्धपोतों, क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजराइल के सहयोगी देशों जैसे संUAE और सोमालिलैंड को भी निशाना बना सकते हैं। जहाजों पर हमला कर सकते हैं हूती विद्रोही साल 2023 के आखिर से लेकर 2025 तक हूती विद्रोहियों ने रेड सी से गुजरने वाले जहाजों पर लगातार हमले किए थे। इस अभियान में कम से कम 9 नाविकों की मौत हुई और चार जहाज डूब गए। इससे रेड सी के ट्रेड पर बड़ा असर पड़ा, जहां से हर साल लगभग एक ट्रिलियन डॉलर का सामान गुजरता था। अमेरिका और इजराइल के हालिया हमलों में ईरान के कई राजनीतिक और सैन्य नेताओं की भी मौत हुई है। अगर ईरानी शासन कमजोर पड़ता है या गिर जाता है, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान यमन के हूती विद्रोहियों को भी हो सकता है। अल-हुरैबी के अनुसार अगर ईरान कमजोर होता है, तो यमन तक पहुंचने वाले ईरानी हथियारों की तस्करी कम हो सकती है या पूरी तरह बंद हो सकती है। यह हूती विद्रोहियों के लिए बड़ी चुनौती होगी। संयुक्त राष्ट्र ने 2022 में कहा था कि अरब सागर में पकड़े गए हजारों हथियार शायद ईरान के एक ही बंदरगाह से भेजे गए थे। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में भी कहा गया था कि रूस, चीन और ईरान में बने हथियार नावों और जमीन के रास्ते यमन में तस्करी करके पहुंचाए जाते थे। हालांकि ईरान लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है। कौन हैं हूती विद्रोही साल 2014 में यमन में गृह युद्ध शुरू हुआ। इसकी जड़ शिया-सुन्नी विवाद है। कार्नेजी मिडिल ईस्ट सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों समुदायों में हमेशा से विवाद था जो 2011 में अरब क्रांति की शुरुआत से गृह युद्ध में बदल गया। 2014 में शिया विद्रोहियों ने सुन्नी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस सरकार का नेतृत्व राष्ट्रपति अब्दरब्बू मंसूर हादी कर रहे थे। हादी ने अरब क्रांति के बाद लंबे समय से सत्ता पर काबिज पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह से फरवरी 2012 में सत्ता छीनी थी। हादी देश में बदलाव के बीच स्थिरता लाने के लिए जूझ रहे थे। उसी समय सेना दो फाड़ हो गई और अलगाववादी हूती दक्षिण में लामबंद हो गए। अरब देशों में दबदबा बनाने की होड़ में ईरान और सऊदी अरब भी इस गृह युद्ध में कूद पड़े। एक तरफ हूती विद्रोहियों को शिया बहुल देश ईरान का समर्थन मिला। तो सरकार को सुन्नी बहुल देश सऊदी अरब का। देखते ही देखते हूती के नाम से मशहूर विद्रोहियों ने देश के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया। 2015 में हालात ये हो गए थे कि विद्रोहियों ने पूरी सरकार को निर्वासन में जाने पर मजबूर कर दिया था।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी पर हिंसा:पत्थरबाजी में कई घायल, दुकानों में आगजनी; भाजपा का आरोप भगवा झंडा फेंककर सनातन धर्म का अपमान किया

बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी पर हिंसा:पत्थरबाजी में कई घायल, दुकानों में आगजनी; भाजपा का आरोप- भगवा झंडा फेंककर सनातन धर्म का अपमान किया

बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी पर हिंसा:पत्थरबाजी में कई घायल, दुकानों में आगजनी; भाजपा का आरोप भगवा झंडा फेंककर सनातन धर्म का अपमान किया

बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी पर हिंसा:पत्थरबाजी में कई घायल, दुकानों में आगजनी; भाजपा का आरोप- भगवा झंडा फेंककर सनातन धर्म का अपमान किया

red and white modern breaking news youtube thumbnail

CG GANJA FARMING : मक्के के खेत में छिपाकर उगाया जा रहा था गांजा

आज की सरकारी नौकरी:idbi बैंक में so की भर्ती; स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में 323 वैकेंसी, हेवी व्हीकल फैक्ट्री में 450 ओपनिंग्स

आज की सरकारी नौकरी:IDBI बैंक में SO की भर्ती; स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में 323 वैकेंसी, हेवी व्हीकल फैक्ट्री में 450 ओपनिंग्स

स्पेन में पिता से कानूनी लड़ाई के बाद इच्छामृत्यु मिली:रेप के बाद आत्महत्या की कोशिश की थी, तीन साल से व्हीलचेयर पर थी

स्पेन में पिता से कानूनी लड़ाई के बाद इच्छामृत्यु मिली:रेप के बाद आत्महत्या की कोशिश की थी, तीन साल से व्हीलचेयर पर थी

स्पेन में पिता से कानूनी लड़ाई के बाद इच्छामृत्यु मिली:रेप के बाद आत्महत्या की कोशिश की थी, तीन साल से व्हीलचेयर पर थी

स्पेन में पिता से कानूनी लड़ाई के बाद इच्छामृत्यु मिली:रेप के बाद आत्महत्या की कोशिश की थी, तीन साल से व्हीलचेयर पर थी

Leave a Comment

// Function to get current page info for sharing const currentUrl = window.location.href; const pageTitle = document.title; // --- 1. Follow Your Official Pages --- // These links go directly to the URLs you provided // Instagram Follow document.getElementById('wpliteInstagramFollow').addEventListener('click', function() { const instaUrl = 'https://www.instagram.com/worldprime.news?igsh=N3I0azl5ZTd1b3U5&utm_source=qr'; window.open(instaUrl, '_blank'); }); // Facebook Follow document.getElementById('wpliteFacebookFollow').addEventListener('click', function() { const fbUrl = 'https://www.facebook.com/share/1ATWDHQiYR/?mibextid=wwXIfr'; window.open(fbUrl, '_blank'); }); // --- 2. Share Current Page to Others --- // These remain as "Sharing" functions // WhatsApp Share document.getElementById('wpliteWhatsAppShare').addEventListener('click', function() { const whatsappUrl = 'https://api.whatsapp.com/send?text=' + encodeURIComponent(pageTitle + " " + currentUrl); window.open(whatsappUrl, '_blank'); }); // Twitter Share document.getElementById('wpliteTwitterShare').addEventListener('click', function() { const twitterUrl = 'https://twitter.com/intent/tweet?url=' + encodeURIComponent(currentUrl) + '&text=' + encodeURIComponent(pageTitle); window.open(twitterUrl, '_blank'); }); // --- 3. Mobile Native Share (The Floating Button) --- document.getElementById("mobileShareFloatingButton").addEventListener("click", function (e) { e.preventDefault(); if (navigator.share) { navigator.share({ title: pageTitle, url: currentUrl }) .then(() => console.log("Share successful")) .catch(err => console.error("Share failed", err)); } else { alert("Native sharing not supported. Use the icons below!"); } });