चीन में लूनर न्यू ईयर के दौरान लोगों को लाल लिफाफों में पैसे देने की परंपरा (हांगबाओ) है, इस बार यह नए रूप में दिखी। एआई दिग्गज कंपनियां ही लोगों को डिजिटल हांगबाओ बांटने लगीं। पिछले कुछ हफ्तों में अलीबाबा, बाइडांस, टेंसेंट व बायडू ने 11 हजार करोड़ रुपए के कूपन और कैश रिवॉर्ड देकर लोगों को अपने एआई एप डाउनलोड व इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया। चीन में इस सब्सिडी की होड़ को ‘होंगबाओ वॉर’ कहा जा रहा है। यह नए साल पर दिए जाने वाले लिफाफों के नाम पर है। ज्यादातर चीनी एआई कंपनियां पहले ही अपने मॉडल मुफ्त दे रही थीं। अब वे यूजर्स को पैसे देकर इस्तेमाल करा रही हैं। दरअसल कंपनियां एजेंटिक सर्विस बनाने और प्रमोट करने में बड़ा निवेश कर रही हैं। चीनी नव वर्ष से ठीक पहले अलीबाबा व बाइडांस ने चैटबॉट के अपग्रेड लॉन्च किए। अपग्रेड के बाद इनके बॉट यूजर की ओर से कई टास्क कर सकते हैं। इस मौके पर अलीबाबा के चैटबॉट क्वेन के जरिए 10 करोड़ से ज्यादा बेवरेज बेचे गए। वहीं, बाइडांस के चैटबॉट दौबाओ ने टीवी शो के दौरान कुछ ही घंटों में 2 अरब सवालों के जवाब दिए। एक्सपर्ट कहते हैं,‘यह सिर्फ प्रचार नहीं, बल्कि डिजिटल बाजार पर कब्जे की रणनीति है। जो कंपनी सबसे पहले ज्यादा यूजर जोड़ेगी, वही आगे एआई-आधारित सुपर एप बना पाएगी। जिसमें चैट, खरीदारी, भुगतान व टिकट बुकिंग एक ही जग?
एआई सुपर एप के लिए डेटा पर कब्जे की जंग:चीनी नववर्ष पर यूजर्स को लुभाने के लिए अलीबाबा-टेंसेंट जैसी कंपनियों ने खर्चे 11 हजार करोड़; मुनाफा छोड़, यूजर बेस बढ़ाने में जुटे टेक दिग्गज
By worldprime
On: मार्च 11, 2026 1:45 अपराह्न
---Advertisement---





