पिछले एक साल में टेक में एआई सबसे बड़ा सेलिंग पॉइंट बनकर उभरा है। अब सिर्फ फोन ही नहीं, टीवी, फ्रिज, एसी और यहां तक कि वाटर प्यूरीफायर भी एआई टैग के साथ बेचे जा रहे हैं। ऐसे में कंपनियां एआई लैपटॉप को भविष्य की जरूरत बता रही हैं। यही वजह है कि वैश्विक एआई बूम के कारण मेमोरी, स्टोरेज और सीपीयू जैसे मुख्य कंपोनेंट महंगे हो रहे हैं, जिससे 2026 में लैपटॉप की कीमतों में 35 से 40% बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। क्या वाकई एआई लैपटॉप हमारी जरूरत हैं? सामान्य लैपटॉप और एआई लैपटॉप में अंतर एआई लैपटॉप में तीन चिप्स, सामान्य में दो सामान्य लैपटॉप में दो चिप होते हैं। सीपीयू और जीपीयू। AI लैपटॉप में इनके साथ तीसरा खास प्रोसेसर जुड़ता है, जिसे एनपीयू कहते हैं। यह एआई से जुड़े कामों के लिए बना होता है, जैसे इमेज पहचानना, भाषा समझना, टेक्स्ट प्रोसेसिंग आदि। एनपीयू एआई काम सीधे लैपटॉप पर ही कर देता है। यानी हर बार इंटरनेट पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती है। एआई लैपटॉप में ये चार फीचर्स अतिरिक्त लाइव ट्रांसलेशन-सबटाइटल वीडियो कॉल के समय भाषा को टेक्स्ट में बदल सकता है। यानी सामने वाला जर्मन में बोले और आपको अंग्रेजी में समझ आए। लोकल एआई असिस्टेंट फाइल खोजने, टेक्स्ट लिखने, फोटो-वीडियो एडिट करने जैसे काम बिना इंटरनेट के भी तेजी से हो सकते हैं। स्मार्ट वीडियो कॉलिंग ऑट?
क्या अब सामान्य लैपटॉप पुराने पड़ जाएंगे?:AI लैपटॉप; प्राइवेसी-फर्स्ट कंप्यूटिंग का नया दौर शुरू
By worldprime
On: मार्च 14, 2026 3:51 अपराह्न
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