नासा के मून मिशन आर्टेमिस-2 की चार सदस्यीय टीम में शामिल 47 वर्षीय अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच चंद्रमा की कक्षा तक पहुंचने वाली दुनिया की पहली महिला बनने जा रही हैं। 2019-20 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 328 दिन बिताकर उन्होंने किसी महिला की सबसे लंबी एकल अंतरिक्ष यात्रा (उड़ान से लैंडिंग तक) का रिकॉर्ड बनाया था। इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। अमेरिका के मिशिगन की रहने वाली क्रिस्टीना ने 2011 में पहली बार नासा में नौकरी के लिए आवेदन किया, लेकिन असफल रहीं। इस झटके के बाद उन्होंने हार मानने के बजाय अगले चार साल खुद को बेहतर बनाने में लगाए। दूरदराज इलाकों में इंजीनियरिंग से जुड़े कठिन काम करते हुए अपने कौशल को निखारा। 2013 में फिर मौका मिलने पर 6 हजार आवेदकों में से चुनी गई 8 लोगों की टीम में जगह बनाई। नासा से पहले का अनुभव भी उतना ही कठिन रहा। क्रिस्टीना ने अंटार्कटिका में रिसर्च मिशन के तहत करीब तीन साल काम किया। अमुंडसेन-स्कॉट साउथ पोल स्टेशन पर पूरी सर्दियां बिताई, जहां महीनों तक सूरज नहीं निकलता और तापमान माइनस 38 से 80 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। मुश्किल माहौल में उन्होंने धैर्य और मानसिक मजबूती सीखी, जो आगे अंतरिक्ष मिशनों में काम आई। एक बार स्पेस स्टेशन के पावर सिस्टम की चार्जिंग यूनिट खराब हो गई। इसे ठीक करने के लिए क्रिस्?
चंद्रमा की कक्षा में पहुँचने वाली पहली महिला बनेंगी क्रिस्टीना:पहली बार फेल, फिर 6 हजार आवेदकों को पछाड़ नासा में जगह बनाई
By worldprime
On: अप्रैल 3, 2026 1:50 अपराह्न
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