(सुनील नामदेव ) रायपुर/दिल्ली : छत्तीसगढ़ में फसल चक्र परिवर्तन की दिशा में राज्य सरकार ने समय समय पर कई कदम उठाए ? लेकिन,ना तो किसानों की तक़दीर बदली और ना ही खेत-खलियानों को तस्वीर| दुर्ग में समोदा गांव और बलरामपुर के कुसमी त्रिपुरा गांव में पुलिस और NCB (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ) से लेकर कई राजनेता और कृषि के जानकारो का ताँता लगा हुआ है| हर कोई अफीम की पैदावार को क़रीब से देख रहा है | राज्य के इन दोनों ही इलाको में अवैध रूप से अफीम की खेती का मामला उजागर हुआ है| राज्य में यह पहला मौका है,जब सरकारी मशीनरी और कृषि वैज्ञानिक किसी आम किसान के खेत-खलियान में दस्तक दे रहे है| ये और बात है,कि अवैध रूप से अफीम की खेती करना उन लोगो पर भारी पड़ गया है,जो पिछले पांच-सात सालों से फ़सल चक्र परिवर्तन का बीड़ा उठाए हुए थे|इस दौर में मोटी कमाई का लुफ़्त भी उठा रहे थे | दुर्ग और बलरामपुर जिले में अफीम की खेती ने एक ओर जहाँ अपराधों को अंजाम दिया है,वही राज्य के किसानों के लिए फसल चक्र परिवर्तन के दरवाज़े खोल दिए है| प्रदेश में किसानो की माली हालत सुधारने की दिशा में अफीम की खेती में काफी संभावनाएं नज़र आ रही है | जानकारों की माने तो,मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में अफीम की होने वाली पैदावार से कही बेहतर पैदावार दुर्ग और बलरामपुर की फसलों की मानी जा रही है | कई कृषि वैज्ञानिको
छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती से बदलेगी के किसानों की तक़दीर ? 5 एकड़ में 8 करोड़ की कमाई ? सुर्ख़ियों में “बीजेपी सरकार”,फसल चक्र परिवर्तन की चर्चा जोरों पर…
By worldprime
On: मार्च 11, 2026 6:37 अपराह्न
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