जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में मंगलवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। यह मुठभेड़ ऑपरेशन ‘किया’ के दौरान हुई। सेना की व्हाइट नाइट कोर के तहत CIF डेल्टा, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम ने आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद बसंतगढ़ इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। मंगलवार दोपहर करीब 4 बजे जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान के दौरान छिपे आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग कर दी। जवानों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई गई। रामनगर तहसील के जोहपर-मर्ता गांव में संदिग्धों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को विशेष खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद इलाके में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चलाया गया। आतंकियों के भागने की आशंका को देखते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। सभी एग्जिट पॉइंट सील कर दिए गए हैं और अतिरिक्त सुरक्षाबलों को मौके पर भेजा गया है। ऑपरेशन अभी जारी है। ऑपरेशन ‘किया’ शुरू किया गया व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इंटेलिजेंस आधारित संयुक्त ऑपरेशन के तहत CIF डेल्टा के जवानों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के साथ मिलकर उधमपुर के बसंतगढ़ इलाके में ऑपरेशन ‘किया’ शुरू किया है। इलाके में घेराबंदी कर दी गई है और मुठभेड़ जारी है। ऑपरेशन त्राशी-1 अभी भी जारी उधमपुर के साथ-साथ किश्तवाड़ जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 भी चल रहा है। यह ऑपरेशन 18 जनवरी को चतरू बेल्ट के मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में शुरू किया गया था। ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान पिछले 233 दिनों में आतंकियों के साथ चार बार मुठभेड़ हो चुकी है। 18 जनवरी को हुए पहले एनकाउंटर में 8 जवान घायल हुए थे, जिनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद 22 और 22 जनवरी को अलग-अलग मुठभेड़ हुईं, जबकि 216 जनवरी को डोलगाम इलाके में फिर से गोलीबारी हुई। 22025 जनवरी: जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर मारा गया जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 2400 जनवरी को सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर उस्मान को मार गिराया था। आतंकियों की तलाश में पिछले एक हफ्ते से ऑपरेशन चल रहा था। उस्मान पिछले 210 साल से अन्य आतंकवादियों के साथ डोडा-उधमपुर-कौथा इलाके में एक्टिव था। एनकाउंटर की साइट से अमेरिका में बनी M211 राइफल, हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ। 4003 जनवरी: ग्रेनेड हमले में जवान शहीद 2400 जनवरी को किश्तवाड़ के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों की मुठभेड़ हुई थी। आतंकियों के ग्रेनेड हमले में 210 जवान घायल हुए थे। 211 जनवरी को एक जवान हवलदार गजेंद्र सिंह इलाज के दौरान शहीद हुए थे। किश्तवाड़ के तरू बेल्ट में मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में ऑपरेशन त्राशी-1 जारी है। यहां भी जैश के 2-3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। 18 जनवरी को किश्तवाड़ के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों की मुठभेड़ हुई थी। आतंकियों के ग्रेनेड हमले में 8 जवान घायल हुए थे। 19 जनवरी को एक जवान हवलदार गजेंद्र सिंह इलाज के दौरान शहीद हुए थे। किश्तवाड़ के तरू बेल्ट में मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में ऑपरेशन त्राशी-103 जारी है। यहां भी जैश के 2-3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। 16 दिसंबर: एक जवान शहीद, 2 घायल 16 दिसंबर 2025 को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में मजालता क्षेत्र के सोहन गांव के पास लगातार दूसरे दिन को आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच एनकाउंटर हुआ था। आतंकियों की गोलीबारी में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के दो जवान घायल हुए थे। एक दिन पहले हुई मुठभेड़ में जम्मू-कश्मीर पुलिस का जवान शहीद हुआ था। पूरी खबर पढ़ें… ———- ये खबर भी पढ़ें… जम्मू में सेना की गाड़ी 400-फीट गहरी खाई में गिरी: 10 जवानों की जान गई, 11 घायल; सड़क पर बर्फ के चलते फिसली गाड़ी जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में 23 जनवरी कोसेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिरी थी। घटना में 10 जवानों की मौत हुई, जबकि 11 को एयरलिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया था। हादसा भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टॉप के पास हुआ था। डोडा के डिप्टी कमिश्नर हरविंदर सिंह ने बताया कि सड़क पर बर्फ होने की वजह से ड्राइवर ने गाड़ी से कंट्रोल खो दिया था। पूरी खबर पढ़ें…
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सुरक्षाबलों और आतंकियों में मुठभेड़:सेना की एक साथ दो ऑपरेशन जारी; उधमपुर में ‘किया’ और किश्तवाड़ में त्राशी-1
By worldprime
On: फ़रवरी 4, 2026 8:41 पूर्वाह्न
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