मान लीजिये कि आप सुबह का नाश्ता कर चुके हैं और कार्यालय में पहुँच गए हैं, अपने लैपटॉप को खोला है, और एक मीटिंग में बैठे हैं, या कोई प्रस्तुति दे रहे हैं या किसी ज़रूरी रिपोर्ट पर काम कर रहे हैं, अचानक आपके दिमाग में बिरयानी की सुगंध या केक की मिठास आने लगती है। ये विचार एक बार नहीं, बार-बार आते हैं। दिमाग बार बार खाने की ओर जाता है। पेट भरा है, भूख भी नहीं है, फिर भी दिमाग में सिर्फ खाना ही चलता रहता है। इसे फूड नॉइज़ कहा जाता है। क्लिनिकल न्यूट्रिशन जर्नल नेचर न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक पियर-रिव्यू अध्ययन के अनुसार, फूड नॉइज़ भूख न होने पर भी खाने से जुड़ा हुआ है। अध्ययन के अनुसार, दिमाग इन विचारों को लूप में दोहराता रहता है और यह काम, आराम या सामाजिक जीवन से ध्यान हटा सकता है। तो आज की जरूरी खबर में हम जानेंगे कि- • फूड नॉइस क्या है? • फूड नॉइज़ क्यों होता है? • इसे कैसे नियंत्रित किया जा सकता है? विशेषज्ञ: डॉ। आशीष मेहरोत्रा, कंसल्टेंट, क्रिटिकल केयर, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर सवाल – फूड नॉइस क्या है?
जरूरत की खबर- पेट भरा फिर भी खाने का ख्याल: क्या आप भी फूड नॉइस के शिकार हैं, ओवरईटिंग से बचना है तो ये 11 काम जरूर करें
By worldprime
On: फ़रवरी 7, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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