सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें ट्रस्टीफाइड नाम के एक टेस्टिंग प्लेटफॉर्म ने दावा किया है कि भारत की कुछ प्रतिष्ठित कंपनियों के पैकेज्ड दूध में कोलिफॉर्म बैक्टीरिया कई गुना अधिक पाया गया, जो कि सुरक्षित स्तर से बहुत अधिक है, जो कि दूध की स्वच्छता और गुणवत्ता पर निर्भर करता है। इन दावों के सामने आने के बाद लोगों में चिंता बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कट्स पर उठ रहे सवालों पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. अरविंद अग्रवाल, निदेशक, आंतरिक चिकित्सा और संक्रामक रोग, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली प्रश्न- पैकेज्ड दूध में कोलिफॉर्म बैक्टीरिया या मिलन का दावा कितना सही और गंभीर है? उत्तर- पैकेज्ड दूध में कोलिफॉर्म बैक्टीरिया मिलने के दावे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। डेयरी प्रोडक्ट्स की जांच 100% ब्लाइंड टेस्टिंग करने वाली स्वतंत्र 100% ब्लाइंड टेस्टिंग का मतलब है बिना किसी ब्रांड की पहचान बताए निष्पक्ष जांच करना। पिछले महीने गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मिलावट दूध बनाने वाली अवैध यूनिट्स पर कार्रवाई भी?
जरूरत की खबर- पैकेज्ड दूध में कोलिफॉर्म बैक्टीरिया: जानें इसके स्वास्थ्य जोखिम, दूध को कैसे रखें सुरक्षित, खरीदते समय क्या सावधानियां बरतें
By worldprime
On: फ़रवरी 13, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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