क्या आप भी ऐसे कॉलोनी या मोहल्ले में रहते हैं जहां हर गली-कुंए पर स्ट्रीट फूड की दुकानें हैं? यदि हां, तो यह अध्ययन आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि आप भी ऐसा सोचते हैं, तो आपको इस अध्ययन के बारे में जानना बहुत ज़रूरी है। रिसर्च फाउंडेशन की एक स्टडी के अनुसार, जिन इलाकों में स्ट्रीट फूड के आउटलेट ज्यादा हैं, वहां रहने वाले लोगों में मोटापा और टाइप – 2 डायबिटीज का खतरा लगभग दोगुना है। यह एक ऐसी स्थिति है जो आगे चलकर मोटापे और मधुमेह के खतरनाक संयोजन को जन्म देती है। धीरे – धीरे समझेंगे. साथ ही जानेंगे कि – विशेषज्ञ: डॉ. आशीष मेहरोत्रा, कंसल्टेंट, क्रिटिकल केयर, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर सवाल – स्ट्रीट फूड को लेकर हुई स्टडी क्या कहती है? जवाब- इस स्टडी से पता चलता है कि ज्यादा स्ट्रीट फूड वाले इलाकों में मेटाबॉलिक डिजीज (मोटापा, डायबिटीज, फैटी लिवर, हाई ब्लड प्रेशर) का रिस्क ज्यादा होता है। जहां अनहेल्दी फूड आउटलेट ज्यादा थे, वहां मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा लगभग दो गुना तक ज्यादा था। यह स्टडी ‘मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन’ के रिसर्चर्स ने UK के डॉक्टरों के साथ मिलकर की। सवाल- आसपास ?
जरूरी खबरें- आपके घर के पास है स्ट्रीट फूड: बढ़ा सकता है शुगर, मोटापे का खतरा, स्टडी में खुलासा, खाने की आदत सुधारने के 11 टिप्स
By worldprime
On: फ़रवरी 24, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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