आज की व्यस्त जीवनशैली में लोग फिट और स्वस्थ रहने के लिए कई तरह के आहारों का पालन करते हैं। इनमें से एक है ‘ईएटी-लैंसेट आहार’, जो न केवल स्वास्थ्य बल्कि पर्यावरण को भी प्रभावित करता है। यह आहार कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करता है। एक आहार क्रोनिक किडनी रोग के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। भारत में क्रोनिक किडनी रोग हृदय रोग के बाद दूसरी सबसे बड़ी बीमारी बन गई है। द लैंसेट में प्रकाशित एक वैश्विक अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2023 में भारत में लगभग 13.8 करोड़ लोग क्रोनिक किडनी रोग से पीड़ित थे। इसके बारे में भी जानेंगे कि – एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लिनिकल डायटीशियन, वनडाइट टुडे के फाउंडर सवाल- EAT लैंसेट डाइट क्या है? उत्तर: EAT फोरम और द लैंसेट कमीशन ने मिलकर EAT / लैंसेट डाइट तैयार की है। यह एक प्रकार का फ्लेक्सिटेरियन डाइट है। यानी इसमें ज्यादातर भोजन पौधे आधारित होता है, जैसे दालें, अनाज, फल, सब्जियां और फल। पशु उत्पादों की मात्रा बहुत कम रखी जाती है। इसे ‘ग्रह स्वास्थ्य आहार’ भी कहा जाता है। यह कब और कैसे हुआ? उत्तर- इसकी शुरुआत 17 जनवरी 2019 को ओस्लो, नॉर्वे में हुई?
जरूरी खबर- क्या है ‘ईएटी लैंसेट’ डाइट: किडनी रोग के जोखिम को कम करने में मददगार, 9 स्वास्थ्य लाभ, जानें किसे नहीं खाना चाहिए
By worldprime
On: मार्च 9, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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