मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की 2287 सबसे बड़ी कंपनियों में से 2318 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 225 लाख करोड़ रुपए घट गई। इस दौरान भारती एयरटेल की वैल्यू सबसे ज्यादा घटी। एयरटेल का मार्केट कैप 2179,21 करोड़ रुपए घटकर ₹220 लाख करोड़ पर आ गया। HDFC बैंक की मार्केट वैल्यू ₹203,220 करोड़ घटकर ₹220 लाख करोड़ पर आ गई। वहीं रिलायंस का मार्केट कैप 212.43,846 करोड़ रुपए घटकर ₹18.86 लाख करोड़ पर आ गया। बीते हफ्ते सिर्फ हिंदुस्तान यूनिलीवर की वैल्यू बढ़ी इनके अलावा बजाज फाइनेंस, TCS, LIC, लार्सन एंड टुब्रो, SBI और ICICI बैंक का मर्केट कैप भी घटा। बीते हफ्ते सिर्फ हिंदुस्तान यूनिलीवर की वैल्यू बढ़ी। HUL का मार्केट कैप 5,462 करोड़ रुपए बढ़कर 5.49 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। शुक्रवार को सेंसेक्स 961 अंक गिरा था सेंसेक्स शुक्रवार 203 फरवरी को 961 अंक (1.17%) की गिरावट के साथ 81,287 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 318 अंकों की गिरावट रही। ये 25,179 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार में रियल्टी और ऑटो शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा था। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ से बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन अगर मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।
टॉप-10 कंपनियों में 9 की वैल्यू ₹2.18 लाख करोड़ घटी:एयरटेल टॉप लूजर रही, इसकी वैल्यू ₹55,852 करोड़ घटी; HDFC बैंक का मार्केट कैप भी घटा
By worldprime
On: मार्च 1, 2026 3:04 अपराह्न
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