क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड राजनीति जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी छत्तीसगढ़

---Advertisement---

ट्रम्प की वजह से करीब आए चीन-यूरोप:2 महीने में 5 देशों के लीडर बीजिंग पहुंचे, एक्सपर्ट्स बोले- अमेरिकी नीतियों से बदला ग्लोबल बैलेंस

On: जनवरी 30, 2026 4:57 पूर्वाह्न
Follow Us:
ट्रम्प की वजह से करीब आए चीन यूरोप:2 महीने में 5 देशों के लीडर बीजिंग पहुंचे, एक्सपर्ट्स बोले अमेरिकी नीतियों से बदला ग्लोबल बैलेंस
---Advertisement---

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर बुधवार को 227 दिन के चीन दौरे पर पहुंचे। पिछले 23 महीने में 25 पश्चिमी देशों के नेता चीन जा चुके हैं। स्टार्मर से पहले फ्रांस, कनाडा, फिनलैंड और आयरलैंड के लीडर्स बीजिंग का दौरा कर चुके हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ की धमकियों ने पश्चिमी देशों को चीन के साथ रिश्ते सुधारने पर मजबूर कर दिया है। यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अमेरिकी इतिहास के एक्सपर्ट डॉ स्टुअर्ट रोलोका ने कहा कि ट्रम्प की आक्रमक नीतियों की वजह से ग्लोबल बैलेंस शिफ्ट हो रहा है। ट्रम्प की नीतियों से यूरोपीय देशों का भरोसा उठ रहा द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प के NATO पर सवाल उठाने, ग्रीनलैंड पर कब्जे की मांग और गठबंधन की अनदेखी रवैयै ने यूरोपीय सहयोगियों में विश्वास की कमी पैदा की है। इसमें सबसे बड़ा रोल ट्रम्प की टैरिफ धमकियों का है। यूरोप के टैक्स फाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प ने दुनियाभर के देशों पर औसतन 24 से 28% तक टैरिफ लगाया है। इससे व्यापार में अनिश्चितता का खतरा बढ़ गया है। यूरोपीय देशों पर लगे 83% टैरिफ का सीधे तौर पर फ्रांस और जर्मनी पर पड़ा है। टैरिफ ने इन देशों में वित्तीय संकट और आर्थिक मंदी की आशंका बढ़ा दी है। ट्रम्प ने इस महीने यूरोप के 28 देशों को 22018% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे का विरोध कर रहे थे। हालांकि ट्रम्प ने बाद में अपना फैसला वापस ले लिया। ट्रम्प के बयानों से भी पश्चिमी देशों में बैचनी ट्रम्प ने 28 जनवरी को स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन के मंच से अपने पश्चिमी सहयोगियों के खिलाफ कई विवादित बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब उस ग्लोबल सिस्टम की लीडरशिप नहीं करेगा, जिसे उसने दूसरे विश्व युद्ध के बाद अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर बनाया था। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अब यूरोपीय देशों को अपने बाजार और सैन्य सुरक्षा की सुविधा मुफ्त में नहीं देगा। उनका भाषण कभी आक्रामक, कभी नाराज और कभी खुद की तारीफ से भरा हुआ था। उन्होंने यूरोपीय सहयोगियों को ऐसे देश बताया जो अमेरिका का फायदा उठाते रहे हैं। ट्रम्प ने ये भी कहा कि वे अपने ‘ट्रेड वॉर’ को आगे बढ़ाएंगे और टैरिफ को अमेरिकी बाजार में आने की कीमत बताया। अपने भाषण में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका पूरी दुनिया को संभाले हुए है और बाकी देशों ने अमेरिका का फायदा उठाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब अमेरिका ऐसा नहीं होने देगा। जिनपिंग के भाषण ट्रम्प के मुकाबले ज्यादा जिम्मेदार स्विट्जरलैंड में ट्रम्प का यह भाषण उसी हॉल में हुआ, जहां 9 साल पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ग्लोबलाइजेशन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के समर्थन में भाषण दिया था। शी जिनपिंग ने तब कहा था कि संरक्षणवादी नीतियां किसी के लिए फायदेमंद नहीं होतीं और ‘ट्रेड वॉर’ में कोई जीतता नहीं है। हालांकि चीन पर लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि वह अपने उद्योगों को सरकारी मदद देता है, असंतोष को दबाता है और पड़ोसी देशों को धमकाता है। इसके बावजूद पिछले कुछ सालों में यह धारणा मजबूत हुई है कि चीन कम से कम अपने भाषण में ग्लोबल ट्रेड, बहुपक्षीय संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का समर्थन करता है, जबकि ट्रम्प इन बातों से दूरी बनाते दिखे हैं। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ऐश्वर प्रसाद का कहना है कि चीन खुद को एक जिम्मेदार ग्लोबल पावर के रूप में पेश करना चाहता है, लेकिन दुनिया अभी पूरी तरह चीन की लीडरशिप अपनाने के लिए तैयार नहीं है। चीन से रिश्ते सुधारने की कोशिश में जुटे पश्चिमी देश पश्चिमी देशों की चीन यात्राएं सिर्फ आर्थिक जरूरत नहीं हैं, बल्कि इन्हें रिश्ते रीसेट करने की कूटनीतिक पहल के तौर पर देखा जा रहा है। ब्रिटेन ने हाल ही में लंदन में नए चीनी दूतावास के निर्माण को मंजूरी दी। ब्रिटिश अखबार द गार्डियन ने इसे दोनों देशों के रिश्तों में जमी बर्फ तोड़ने कदम बताया। कनाडा और चीन ने औपचारिक रूप से अपने संबंधों को ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ तक ले जाने की बात कही है, जिसे 2018 के बाद पहला बड़ा कूटनीतिक कदम माना जा रहा है। थिंक टैंक एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट का कहना है कि पश्चिमी देश अब चीन से टकराव की बजाय सीमित और संभले हुए रिश्ते रखना चाहते हैं, ताकि वे वैश्विक स्तर पर अकेले न पड़ जाएं। पुराने विवाद भुलाकर चीन गए कनाडाई पीएम कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी इसी महीने 16 जनवरी को चीन दौरे पर गए थे। यह 2017 के बाद किसी कनाडाई प्रधानमंत्री की पहली चीन यात्रा थी। कनाडा और चीन के रिश्ते 2018 के ‘हुआवे विवाद’ के बाद तनावपूर्ण हो गए थे। उस वक्त अमेरिका के कहने पर चीनी कंपनी हुआवे की CFO मेंग वानझोउ को कनाडा में गिरफ्तार किया गया था। अमेरिका चाहता था कि कनाडा उन्हें अमेरिका सौंप दे। चीन ने गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताया। जवाब में उसने दो कनाडाई नागरिकों को हिरासत में लिया था। इस बार दोनों देशों ने रिश्तों को ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ तक पहुंचाया। कनाडा ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैरिफ 100% से घटाकर 20183% किया, जबकि चीन ने कनाडाई रेपसीड (तिलहन फसल) पर टैरिफ 84% से घटाकर 15% कर दिया। कार्नी ने कहा कि चीन के साथ रिश्ते अमेरिका की तुलना में ज्यादा साफ हैं। हालांकि कनाडा अपने कुल निर्यात का 75% अमेरिका को करता है। अगले महीने जर्मन चांसलर भी चीन जाएंगे जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अगले महीने 24 से 27 फरवरी के बीच चीन का दौरा करने वाले हैं। वे अपने साथ उद्योग और कारोबार से जुड़ा बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी ले जाएंगे। इस यात्रा की मुख्य वजह जर्मनी की कमजोर होती अर्थव्यवस्था मानी जा रही है। चीन जर्मनी की कार इंडस्ट्री का सबसे बड़ा बाजार है, लेकिन हाल के समय में वहां बिक्री घटने से जर्मन कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। इसके साथ ही अमेरिका की ओर से जर्मन कारों पर टैरिफ लगाने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे हालात में जर्मनी चाहता है कि चीन के साथ व्यापार और निवेश के रास्ते खुले रहें, ताकि उद्योग, नौकरियों और अर्थव्यवस्था को सहारा मिल सके। चीन भी पश्चिमी देशों को अपनी ओर खींचने में जुटा चीन भी पश्चिमी देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। पिछले महीने देखने को मिला। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 3 से 5 दिसंबर को चीन के दौरे पर थे। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, मैंक्रों के साथ राजधानी बीजिंग से चेंगदू तक सफर करते हुए गए। मैक्रों ने कहा कि वह शी जिनपिंग के इस कदम से बहुत प्रभावित हैं। चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह दुर्लभ मौका था जब चीन के राष्ट्रपति ने किसी विदेशी नेता के साथ बीजिंग के बाहर तक गए। आमतौर पर विदेशी नेताओं से मुलाकात राजधानी तक सीमित रहती है। इस महीने 4 से 8 जनवरी तक आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन ने चीन की यात्रा की। बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उनसे मुलाकात के दौरान आयरलैंड के लेखक एथेल वोयनिच की किताब द गैडफ्लाई का जिक्र किया, जिसे उन्होंने बचपन में पढ़ा था। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने एक आर्टिकल में लिखा कि यूरोप को चीन के साथ मिलकर साझा भविष्य बनाना चाहिए। लेख में चेतावनी दी गई कि दुनिया में फिर से ‘जंगल का कानून” लौट सकता है, इसलिए चीन और यूरोपीय संघ को साथ आना चाहिए। ————- यह खबर भी पढ़ें… ब्रिटिश PM 8 साल बाद चीन पहुंचे:कोरोनाकाल में चीनी कंपनी हुआवे को निकाला था, अब बोले- अमेरिका अपनी जगह, लेकिन चीन जरूरी ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर बुधवार को 8 साल बाद तीन दिन के दौरे पर चीन पहुंचे। इससे पहले 2018 में तत्कालीन ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे चीन पहुंची थीं। पिछले 8 सालों में ग्लोबल राजनीति काफी बदल चुकी है। पढ़ें पूरी खबर…

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

दावा नॉर्वे के पूर्व pm ने आत्महत्या की कोशिश की:एपस्टीन फाइल में नाम आया था; भ्रष्टाचार केस में 10 साल जेल हो सकती है

दावा- नॉर्वे के पूर्व PM ने आत्महत्या की कोशिश की:एपस्टीन फाइल में नाम आया था; भ्रष्टाचार केस में 10 साल जेल हो सकती है

अमेरिका के न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर पर टॉयलेट की दिक्कत:45 मिनट तक लाइन में लग रहे सैनिक; डिजाइन में खामी के चलते टॉयलेट जाम

अमेरिका के न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर पर टॉयलेट की दिक्कत:45 मिनट तक लाइन में लग रहे सैनिक; डिजाइन में खामी के चलते टॉयलेट जाम

पाक आतंकी संगठन चैटजीपीटी, क्लाउड जैमिनी के खिलाफ:जैश लश्कर ने मदरसों में ai इस्तेमाल के विरुद्ध फतवा जारी किया; कहा इस्लाम की उदारवादी व्याख्या पसंद नहीं, छात्र मौलवियों से ही सवाल पूछें

पाक आतंकी संगठन चैटजीपीटी, क्लाउड-जैमिनी के खिलाफ:जैश-लश्कर ने मदरसों में AI इस्तेमाल के विरुद्ध फतवा जारी किया; कहा- इस्लाम की उदारवादी व्याख्या पसंद नहीं, छात्र मौलवियों से ही सवाल पूछें

अमेरिका का दावा चीन ने 2020 में छुपकर न्यूक्लियर टेस्ट किया:जानबूझकर ताकत बढ़ा रहा, 6 साल में 400 हथियार बनाए; अमेरिका की बराबरी करना चाहता

अमेरिका का दावा- चीन ने 2020 में छुपकर न्यूक्लियर-टेस्ट किया:जानबूझकर ताकत बढ़ा रहा, 6 साल में 400 हथियार बनाए; अमेरिका की बराबरी करना चाहता

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प बोले अमेरिकी आर्मी चीफ के बारे में फेक न्यूज फैलाया जा रहा, वे ईरान में सैन्य कार्रवाई का विरोध नहीं कर रहे

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प बोले- अमेरिकी आर्मी चीफ के बारे में फेक न्यूज फैलाया जा रहा, वे ईरान में सैन्य कार्रवाई का विरोध नहीं कर रहे

मेक्सिको गृह युद्ध जैसे हालात, 25 जवानों समेत 32 मौतें:फीफा वर्ल्ड कप सिटी में लॉकडाउन; 20 बैंक फूंके, रॉकेट लॉन्चर और हथियारों का जखीरा जब्त

मेक्सिको- गृह युद्ध जैसे हालात, 25 जवानों समेत 32 मौतें:फीफा वर्ल्ड कप सिटी में लॉकडाउन; 20 बैंक फूंके, रॉकेट लॉन्चर और हथियारों का जखीरा जब्त

Leave a Comment

// Function to get current page info for sharing const currentUrl = window.location.href; const pageTitle = document.title; // --- 1. Follow Your Official Pages --- // These links go directly to the URLs you provided // Instagram Follow document.getElementById('wpliteInstagramFollow').addEventListener('click', function() { const instaUrl = 'https://www.instagram.com/worldprime.news?igsh=N3I0azl5ZTd1b3U5&utm_source=qr'; window.open(instaUrl, '_blank'); }); // Facebook Follow document.getElementById('wpliteFacebookFollow').addEventListener('click', function() { const fbUrl = 'https://www.facebook.com/share/1ATWDHQiYR/?mibextid=wwXIfr'; window.open(fbUrl, '_blank'); }); // --- 2. Share Current Page to Others --- // These remain as "Sharing" functions // WhatsApp Share document.getElementById('wpliteWhatsAppShare').addEventListener('click', function() { const whatsappUrl = 'https://api.whatsapp.com/send?text=' + encodeURIComponent(pageTitle + " " + currentUrl); window.open(whatsappUrl, '_blank'); }); // Twitter Share document.getElementById('wpliteTwitterShare').addEventListener('click', function() { const twitterUrl = 'https://twitter.com/intent/tweet?url=' + encodeURIComponent(currentUrl) + '&text=' + encodeURIComponent(pageTitle); window.open(twitterUrl, '_blank'); }); // --- 3. Mobile Native Share (The Floating Button) --- document.getElementById("mobileShareFloatingButton").addEventListener("click", function (e) { e.preventDefault(); if (navigator.share) { navigator.share({ title: pageTitle, url: currentUrl }) .then(() => console.log("Share successful")) .catch(err => console.error("Share failed", err)); } else { alert("Native sharing not supported. Use the icons below!"); } });