अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड पर कब्जे के प्लान को दुनिया के सामने सही ठहराया है। उन्होंने बुधवार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में कहा कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा अमेरिका के अलावा कोई और देश नहीं कर सकता। हालांकि पहली बार ट्रम्प ने यह कहा कि ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए अमेरिका ताकत का इस्तेमाल नहीं करेगा। इस पर कब्जे का विरोध करने के लिए उन्होंने डेनमार्क को अहसान फरामोश कहा। उन्होंने शिकायती लहजे में कहा कि वे बस एक बर्फ का टुकड़ा चाहते हैं जिसे यूरोप देने को तैयार नहीं है। अमेरिका इसे हमेशा याद रखेगा। ट्रम्प ने कहा कि यूरोप गलत दिशा में जा रहा है। ट्रम्प ने फ्रांस, कनाडा जैसे देशों की भी आलोचना की। उन्होंने सोमालिया के लोगों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और कहा कि वे ‘कम बुद्धि वाले’ और ‘समुद्री डाकू’ हैं। भाषण के बाद ट्रम्प ने इंडियन मीडिया से बात करते हुए पीएम मोदी की तारीफ की और उन्हें अपना दोस्त बताया। ट्रम्प ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका में जल्द एक अच्छा व्यापार समझौता होने वाला है। ट्रम्प के भाषण की 7 अहम बातें… 1. ग्रीनलैंड को लेकर- हमारे अलावा कोई इसकी हिफाजत नहीं कर सकता अमेरिका के अलावा कोई भी देश ग्रीनलैंड की रक्षा नहीं कर सकता। दूसरे विश्व युद्ध में जब जर्मनी ने डेनमार्क पर कब्जा किया था, तब अमेरिका ने ही ग्रीनलैंड की सुरक्षा की थी। अमेरिका ने ग्रीनलैंड डेनमार्क को वापस कर दिया, यह अमेरिका की बड़ी गलती थी। 2. डेनमार्क को लेकर- वे एहसान फरामोश, जर्मनी से बचाने में हमने मदद की दूसरे विश्व युद्ध में डेनमार्क सिर्फ छह घंटे में जर्मनी से हार गया था। अमेरिका ने उसकी रक्षा की। इतनी मदद के बावजूद डेनमार्क आज ग्रीनलैंड का कंट्रोल छोड़ने को तैयार नहीं है। डेनमार्क अमेरिका के एहसान को भूल चुका है और इसी वजह से वह उस पर नाराज हैं। 3. कनाडा को लेकर- अमेरिका की वजह से यह देश चल पा रहा है कनाडा को अमेरिका से बहुत कुछ मुफ्त में मिलता है। उन्हें इसके लिए अमेरिका का आभारी होना चाहिए, लेकिन वह नहीं है। कनाडा, अमेरिका की वजह से ही टिका हुआ है। कनाडाई पीएम अगली बार बयान देते वक्त यह बात याद रखें। 4. वेनेजुएला को लेकर- यह देश जल्द ही बहुत सारा पैसा बनाएगा अमेरिकी एक्शन के बाद वेनेजुएला को आगे चलकर बड़ा फायदा होने वाला है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच 5 करोड़ बैरल तेल को लेकर समझौता हुआ है। अमेरिका अपनी बड़ी तेल कंपनियों को वेनेजुएला में लाएगा। दोनों देश मिलकर तेल से होने वाली कमाई को आपस में शेयर करेंगे। 5. यूरोप को लेकर- उन्हें अमेरिका जैसा बनना चाहिए यूरोप के कई हिस्से अब पहले जैसे नहीं रहे, उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो गया है। यूरोप की इमिग्रेशन पॉलिसी और आर्थिक नीतियां नाकाम हो चुकी हैं। आर्थिक मामलों में यूरोप को अमेरिका जैसा बनना चाहिए। यूरोप वही करे जो अमेरिका कर रहा। 6. NATO को लेकर- US की मदद करेगा इस पर शक मुझे शक है कि जरूरत पड़ने पर NATO अमेरिका की मदद करेगा या नहीं। अमेरिका हमेशा अपने सहयोगी देशों के साथ मजबूती से खड़ा रहता है। मुझे भरोसा नहीं है कि वे अमेरिका के लिए भी वैसा ही करेंगे। 7. यूक्रेन युद्ध को लेकर- ये हमसे बहुत दूर, यूरोप जिम्मेदारी ले रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध की जिम्मेदारी यूरोप की होनी चाहिए। अमेरिका यूक्रेन से बहुत दूर है। अमेरिका ने यूक्रेन को अरबों डॉलर दिए। दुनिया में युद्ध खत्म कराने के लिए मैंने बहुत काम किया।अमेरिका को यह सब करते हुए भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसमें बहुत मेहनत और पैसा लगा। ट्रम्प के भाषण से जुड़ीं 4 फोटोज… ट्रम्प के भाषण के बाद EU-US ट्रेड डील पर वोटिंग रुकी यूरोपीय संसद की ट्रेड कमेटी यूरोपीय संसद के एक अहम समूह ने ट्रम्प के भाषण के बाद अमेरिका-यूरोप व्यापार समझौते को मंजूरी देने पर होने वाली वोटिंग रोक दी। यूरोपीय संसद की व्यापार समिति के अध्यक्ष बर्न्ड लैंगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। फिलहाल यह साफ नहीं है कि दोनों देशों के बीच होने वाला पूरा व्यापार समझौता रद्द हो गया है या फिर जो हिस्से पहले से लागू हो चुके हैं, वे वैसे ही चलते रहेंगे। यूरोपीय यूनियन और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर ट्रेड डील पर जुलाई में सहमति बनी थी। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के बड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइये…
ट्रम्प बोले- ग्रीनलैंड चाहिए, लेकिन ताकत इस्तेमाल नहीं करेंगे:यूरोप हमें बर्फ का टुकड़ा नहीं दे रहा; डेनमार्क एहसान फरामोश, भारत से जल्द ट्रेड डील मुमकिन
By worldprime
On: जनवरी 21, 2026 6:23 पूर्वाह्न
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