रायपुर : छत्तीसगढ़ में डीएसपी कल्पना वर्मा बनाम दीपक टंडन मामले ने विगत वर्ष ख़ूब सुर्खियां बटोरी थी। इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच शुरू हुए लगभग एक माह से अधिक का वक्त गुजर चुका है, जबकि थाने स्तर पर मामले की शिकायत सामने आये लगभग चार माह बीत चुके है। इसके बावजूद भी पुलिस ने अपनी जाँच रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं लाई है। आमतौर पर इस तरह के प्रकरणों से ही आम जनता का पुलिस पर से विश्वास उठता जा रहा है। मामला, पुलिस की कार्यप्रणाली से जुड़ा हुआ है,दोनों पक्षों की शिकवा-शिकायतों से जुड़े कई सबूत सोशल मीडिया और पीड़ितों के बयानों में दर्ज बताए जाते है। जाँच से जुड़ी तमाम वैधानिक प्रक्रिया के संपन्न होने की जानकारी सामने आने के बावजूद आधिकारिक रूप से जाँच रिपोर्ट का सार्वजानिक ना होना, पुलिस मुख्यालय की विफलता और लचर कार्यप्रणाली के रूप में जनता के सामने आ रहा है। दलील दी जा रही है, कि पुलिस मुख्यालय में सक्रिय और तेज़ – तर्रार डीजीपी की दो साल बाद भी नियुक्ति नहीं होने से, पूरा पुलिस तंत्र कई तरह की कठिनाइयों और विवादित कार्यप्रणाली का सामना करना पड़ रहा है, सिर्फ डीएसपी कल्पना वर्मा ही नहीं बल्कि उसकी तर्ज पर कई कनिष्ठ और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ गंभीर शिकायतों के निराकरण में हीला -हवाली बरते जाने से बीजेपी सरकार की छवि पर भी सवालियां निशान लगने ल?
डीएसपी कल्पना वर्मा मामले की जांच रिपोर्ट का कोई अपडेट नहीं, नया साल का आखिरी हफ्ता शुरू, फिर भी सच्चाई सामने नहीं आई – “ईमानदार अफसरों को पुरस्कार नहीं मिलते और अनुशासनहीन अधिकारियों को कोई सजा नहीं”
By worldprime
On: जनवरी 19, 2026 6:43 अपराह्न
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