केंद्र सरकार ने डीजल और एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी यानी विंडफाल टैक्स बढ़ा दिया है। डीजल पर निर्यात शुल्क ₹210 प्रति लीटर बढ़ाकर ₹3 कर दिया गया है, जो पहले ₹225 था। वहीं, ATF यानी जेट फ्यूल पर ड्यूटी ₹2100 से बढ़ाकर ₹225 प्रति लीटर कर दी गई है। वित्त मंत्रालय ने शनिवार (11 अप्रैल) को नोटिफिकेशन जारी कर नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी हैं। वहीं, पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी फिलहाल शून्य ही रहेगी। हाल ही में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में जो ₹10-₹10 की बड़ी कटौती की थी, उसका फायदा आम जनता को मिलता रहेगा। घरेलू बाजार में फ्यूल की सप्लाई बढ़ाने फैसला लिया सरकार ने ये फैसला देश में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए लिया है। यह कदम उन आशंकाओं को दूर करता है जिनमें कहा जा रहा था कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण कच्चा तेल महंगा होने से भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में फ्यूल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो तेल कंपनियां ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए विदेशों में फ्यूल बेचना शुरू कर देती हैं। एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से निर्यात महंगा हो जाता है, जिससे कंपनियां घरेलू बाजार में सप्लाई देने को प्राथमिकता देती हैं। मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का असर पिछले कुछ महीनों से मिडिल ईस्ट में चल रही सैन्य गतिविधियों के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट अस्थिर बना हुआ है। हाई-स्पीड डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और सेस भी बढ़ा इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने एक्सपोर्ट ड्यूटी के अलावा अन्य शुल्कों में भी बदलाव किया है। 15 दिन पहले ही बढ़ाया था निर्यात शुल्क इससे पहले सरकार ने 26 मार्च को निर्यात शुल्क में संशोधन किया था। उस समय डीजल पर ड्यूटी ₹21.50 प्रति लीटर और ATF पर ₹1003 प्रति लीटर तय की गई थी। अब महज 15 दिनों के भीतर इसमें दोबारा बड़ी बढ़ोतरी की गई है। जानकारों का कहना है कि सरकार की नजर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव पर है और उसी के आधार पर टैक्स दरों की समीक्षा की जा रही है। विंडफाल टैक्स क्या होता है? विंडफाल टैक्स उन कंपनियों पर लगाया जाता है जिन्हें किसी विशेष स्थिति (जैसे युद्ध या ग्लोबल सप्लाई चेन में दिक्कत) के कारण अचानक बहुत ज्यादा मुनाफा होने लगता है। भारत में तेल कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों का फायदा उठाने से रोकने और सरकारी खजाना भरने के लिए इसे ‘एक्सपोर्ट ड्यूटी’ के तौर पर लगाया जाता है। —————– ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटी: दाम नहीं बढ़ेंगे; कच्चा तेल महंगा होने से कंपनियों को ₹30 प्रति लीटर तक घाटा हो रहा था सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती कर दी है। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई है। एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखा गया है। पूरी खबर पढ़ें… ——————- जेट फ्यूल 100% महंगा, लेकिन भारत में दाम नहीं बढ़ेंगे: सरकार ने कीमतों पर 25% का कैप लगाया; घरेलू उड़ानों का किराया कंट्रोल में रहेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार में ATF यानी जेट फ्यूल 100% से ज्यादा महंगा हो गया है। इस तेजी के बावजूद सरकार ने ATF में बढ़ोतरी को सिर्फ 25% तक सीमित रखने का फैसला किया है। पूरी खबर पढ़ें…
डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी ₹34 बढ़ी:अब ₹55.5 प्रति लीटर टैक्स लगेगा, जेट फ्यूल का एक्सपोर्ट भी ₹42 महंगा; देश में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर
By worldprime
On: अप्रैल 11, 2026 9:40 अपराह्न
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