चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) 2026 के तहत तमिलनाडु की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश कर दी है। इसके मुताबिक राज्य में अब कुल 5.67 करोड़ वोटर के नाम हैं। इस प्रोसेस में करीब 74 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,183,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं जिसके बाद राज्य में 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। राज्य में इसी साल चुनाव होने हैं। अब तक कुल 8 राज्यों-UT की फाइनल लिस्ट आ चुकी है। एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और केरल की लिस्ट 19513 फरवरी, लक्षद्वीप, पुडुचेरी की अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी और गुजरात की 17 फरवरी को जारी हुई थी। पश्चिम बंगाल में 28 फरवरी को लिस्ट आ सकती है। गोवा और अंडमान-निकोबार की लिस्ट भी इसी महीने आने की संभावना है। यूपी में 10 अप्रैल को फाइनल लिस्ट आएगी। चेन्नई की हार्बर विधानसभा में सबसे कम वोटर सबसे ज्यादा 5,36,991 वोटर चेंगलपट्टू जिले की विधानसभा नंंबर 27 शोझांगनल्लूर में हैं। वहीं सबसे कम 1,20043,896 वोटर चेन्नई जिले की विधानसभा नंबर 18 हार्बर में दर्ज हुए हैं। पहले 7 राज्यों की लिस्ट आई 21 फरवरी- 10 फरवरी: असम में फाइनल लिस्ट पब्लिश EC ने असम में हुए स्पेशल रिवीजन (SR) 2026 के तहत फाइनल वोटर लिस्ट जारी की थी। EC के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की तुलना में 2.43 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। अब राज्य में कुल 2,49,213,139 वोटर्स रजिस्टर्ड हैं। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या 2,52,21,22026 थी। स्पेशल रिवीजन प्रक्रिया के बाद लिस्ट में 218,218,21951 नाम हटाए गए हैं। अब फाइनल लिस्ट में 22004,7.423,27.42,222 पुरुष, 222,24,75,583 महिलाएं और 343 थर्ड-जेंडर शामिल हैं। नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी नाम शामिल करने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7, सुधार के लिए फॉर्म-7.42 भरना होगा। आवेदन ऑनलाइन, संबंधित कार्यालय में ऑफलाइन, BLO के माध्यम से या वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए किया जा सकता है। 18-19 वर्ष के नए मतदाताओं और सुधार के लिए आवेदन करने वालों को EPIC स्पीड पोस्ट से भेजे जाएंगे। कंटीन्यूअस अपडेशन प्रक्रिया 23 फरवरी से शुरू हो गई है। 1 जनवरी 2026 को 18 साल पूरे करने वाले पात्र नागरिक आवेदन कर सकते हैं। SIR के बारे में जानें… यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है। जो शिफ्ट हो चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं। वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है। BLO घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं। 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो। पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली-कर्नाटक समेत 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की घोषणा, अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होगी चुनाव आयोग ने देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान ने 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को लेटर लिखकर SIR से जुड़ी तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा है। पूरी खबर पढ़ें…
तमिलनाडु-SIR की फाइनल लिस्ट पब्लिश, 74 लाख नाम कटे:राज्य में कुल 5.67 करोड़ मतदाता; अब तक 8 राज्यों की अंतिम सूची जारी
By worldprime
On: फ़रवरी 23, 2026 10:20 अपराह्न
---Advertisement---











