फिल्म ‘द केरल स्टोरी-2: गोस बियॉन्डट को लेकर सोमवार को राजधानी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ़्रेंस हुई। फिल्म निर्माता विपुल अमृतलाल शाह और निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने मीडिया से मुखातिब होते हुए फिल्म के विषय और उसके पीछे की कथित वास्तविक घटनाओं की वजह से उठा विवाद दोनों पर विस्तार से बात की। 33 पीड़ितों की मौजूदगी प्रेस कॉंफ्रेंस मेंनिर्माता विपुल शाह ने 30 से अधिक लोगों को पेश किया जिन्हें उन्होंने जबरन धर्मांतरण का वास्तविक शिकार बताया। शाह के अनुसार ये पीड़ित देश के विभिन्न भागों, जैसे बंगाल, बिहार, भिलवाड़ा, गंगापूर, राजकोट, मेयर, मुंबई, भोपाल, झारखंड, दिल्ली-एनसीआर सहित कई जिलों से आए थे। इन लोगों ने मीडिया के सामने अपनी व्यक्तिगत दर्दनाक कहानियाँ सुनाईं। पीड़ितों की आपबीती झारखंड की नेशनल शूटर तारा शाहदेव समेत कई महिलाओं ने मंच पर आकर अपनी कहानी साझा की। तारा ने बताया कि कैसे एक व्यक्ति ने उसे झांसे में लेकर शादी का झांसा दिया और बाद में सत्य सामने आने पर उसने पुलिस का सामना कर कई कानूनी जद्दोजहदें झेली। उनकी बातों से साफ हुआ कि वह खुद को मजबूर, धोखे में और अकेला महसूस कर चुकी हैं। निर्माता विपुल शाह ने क्या कहा? विपुल शाह ने कहा कि जबसे पहली फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ सामने आई थी, लोग लगातार यह कहते रहे कि लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण भारत
‘द केरल स्टोरी 2′ टीम का बड़ा दावा:30 पीड़ितों को मीडिया के सामने पेश किया, प्रोड्यूसर बोले- जबरन धर्मांतरण की सच्चाई देश को जाननी चाहिए
By worldprime
On: फ़रवरी 23, 2026 6:44 अपराह्न
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