ओपनएआई की शुरुआत ‘गैर लाभकारी’ संस्था के रूप में हुई थी जिसका उद्देश्य सुरक्षित एआई बनाना था, यह मिशन खत्म हो चुका है। यह खुलासा प्रतिष्ठित अमेरिकी मैगजीन ‘द न्यूयॉर्कर’ की रिपोर्ट में किया गया है। रॉनन फैरो व एंड्रयू मारंत्ज की यह इन्वेस्टिगेशन सालभर चली। ये गहन पड़ताल, 100 से ज्यादा इंटरव्यू और सैकड़ों आंतरिक दस्तावेजों पर आधारित है। इस रिपोर्ट ने सवाल खड़ा किया है कि क्या दुनिया की सबसे शक्तिशाली तकनीक एजीआई (आर्टिफिशियल जनरल इंटेलीजेंस) ऐसे व्यक्ति (सैम ऑल्टमैन) के हाथ में है, जिसकी नींव ही ‘अविश्वास’ व ‘हेरफेर’ पर टिकी है? पढ़िए रिपोर्ट के खास अंश… रिपोर्ट में ऑल्टमैन के व्यक्तित्व को लेकर सबसे चौंकाने वाला दावा उनके सहयोगियों और बोर्ड सदस्यों द्वारा किया गया है, बोर्ड सदस्यों (जिनमें मुख्य वैज्ञानिक इल्या सुतस्केवर भी शामिल थे) ने 70 पन्नों का डोजियर तैयार किया था। इसमें आरोप लगाया गया कि ऑल्टमैन सुरक्षा प्रोटोकॉल और अहम तथ्यों को लेकर बोर्ड व मैनेजमेंट से लगातार झूठ बोलते रहे हैं। सबसे बड़ा जोखिम यहीं से शुरू होता है…अगर नेतृत्व पारदर्शी नहीं है, तो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कैसे होगा? रिपोर्ट में भविष्य को लेकर कुछ ऐसी चिंताएं जताई गई हैं जो आम लोगों के जीवन पर असर डाल सकती हैं। एलाइनमेंट प्रॉब्लम रिपोर्ट उस तकनीकी खतरे की बात कर?
द न्यूयॉर्कर ने ऑल्टमैन को किया बेनकाब:एआई के अमर होने का खेल, खुद को कॉपी कर रहा है सिस्टम ताकि ‘ऑफ’ न किया जा सके: रिपोर्ट
By worldprime
On: अप्रैल 10, 2026 12:48 अपराह्न
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