व्रत का अर्थ है संयम और अनुशासन। नवरात्रि व्रत में यह संयम और अनुशासन पूरे नौ दिनों तक करना होता है। पूरे दिन की मीटिंग, काम के दबाव और डेडलाइन के बीच कई बार ऊर्जा की कमी, भूख और थकान महसूस होने लगती है। व्रत में लोग अक्सर ज्यादा तले हुए फलाहार खाते हैं लेकिन इससे एनर्जी क्रैश, डिहाइड्रेशन और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। पूनम तिवारी, वरिष्ठ आहार विशेषज्ञ, डॉ। राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ सवाल – नौकरीपेशा लोगों के लिए व्रत रखना क्यों चुनौतीपूर्ण हो सकता है? उत्तर – काम के बोझ के साथ व्रत रखना शरीर और मन दोनों पर असर डाल सकता है। इन कारणों से कामकाजी लोगों के लिए लंबा व्रत अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है – प्रश्न – क्या दिन भर काम करने वाले लोगों को रोज़ा रखने के तरीकों को बदलना चाहिए? उत्तर – हाँ, पारंपरिक तरीके से लंबे समय तक भूखे रहना या सिर्फ तले हुए और भुने हुए खाने से शरीर पर अधिक दबाव पड़ सकता है।
नवरात्रि का व्रत कैसे रखें: 9 दिन का कम्प्लीट डाइट प्लान ताकि ऑफिस में नींद ना आए, ना लगे कमजोरी
By worldprime
On: मार्च 18, 2026 4:30 पूर्वाह्न
---Advertisement---





