बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के मोनिका बेदी केस के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि कैसे 2002 में 1993 सीरियल बम ब्लास्ट के आरोपी और अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को गिरफ्तार किया गया। जब पुलिस उनके घर पहुंची, तो वहां मोनिका बेदी की भी गिरफ्तारी हुई। मोनिका बेदी पुर्तगाल में सना मलिक नाम से रह रही थीं। इस पहचान के लिए उन्होंने नकली पासपोर्ट बनवाए थे। गिरफ्तारी के बाद अबू सलेम और मोनिका बेदी को पुर्तगाल की एक ही जेल में अलग-अलग सेल में रखा गया। दोनों के बीच अक्सर खतों के जरिए प्यार मोहब्बत की बातें होती थीं। दोनों जल्द ही जेल से निकलकर आम जिंदगी जीने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन फिर अचानक मोनिका बेदी ने उन्हें खत भेजना बंद कर दिया और उनसे रिश्ता खत्म कर लिया। जब दोनों को 1 साल बाद भारत डिपोर्ट किया गया तो चार्टर्ड प्लेन में मोनिका से नजरें तक नहीं मिलाईं। अब पार्ट-2 में जानिए कहानी आगे- 11 नवंबर 2005 को मोनिका बेदी और अबू सलेम को भारत लाया गया। मोनिका बेदी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B (आपराधिक साजिश), 419 (छल से प्रतिरूपण) और 420 (धोखाधड़ी) और पासपोर्ट अधिनियम, 1967, सेक्शन 12 के तहत मामला दर्ज हुआ था। पुर्तगाल में पहले ही सजा काट चुकीं मोनिका बेदी पर भारत में नया केस हुआ। 29 सितंबर 2006 में इंडियन कोर्ट पासपोर्ट एक्ट की धारा के अलावा अन्य धाराओं पर दोषी मानते हुए 5 साल की सजा सुनाई। उन्हें हैद?
नाम बदलकर अबू सलेम ने मोनिका बेदी से बढ़ाई नजदीकियां:US में नौकरों जैसा सलूक किया, कैद में रखा, एक्ट्रेस बोलीं- गिरफ्तारी से खुशी मिली
By worldprime
On: मार्च 4, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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