किताब – लोकथाएं प्रेम की और संत गोरखनाथ (लॉर्स ऑफ लव एंड सेंट गोरखनाथ का हिंदी अनुवाद) लेखक – नलिन वर्मा, लालू प्रसाद यादव अनुवाद – विजय कुमार झा प्रकाशक – पेन भारतीय संत परंपरा में कुछ ऐसे नाम हैं जिन्होंने न केवल आध्यात्मिक मार्ग दिखाया, बल्कि समाज और संस्कृति को भी प्रभावित किया। ‘लोककथाएं प्रेम की और संत गोरखनाथ’ पुस्तक में गोरखनाथ के विचारों और लोकजीवन पर पड़े उनके प्रभाव को समझाया गया है। यह कि गोरखनाथ केवल एक योगी या संत ही नहीं थे, बल्कि ऐसे विचारक थे जिनकी शिक्षाओं ने समाज की सोच और जीवनशैली पर भी गहरा प्रभाव डाला। यह पुस्तक बताती है कि गोरखनाथ के लिए योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि मन को जीतने का भी मार्ग है। भीतर की शक्ति को पहचानना भारतीय योग परंपरा में संत गोरखनाथ का नाम अनुशासन और आत्मज्ञान का पर्याय है समाज को जोड़ने का संदेश इस पुस्तक का सबसे सशक्त पक्ष नाथ संप्रदाय ने उस दौर में जातिगत बंधनों को तोड़ा, जब समाज में यह सब बहुत गहरी तरह से व्याप्त था। इसमें किसान, जुलाहे और चरवाहे सभी के लिए बराबर का स्थान गोरखनाथ की यह समावेशी दृष्टि आज के समय में भी उतनी ही आवश्यक है।
पुस्तक समीक्षा – जो रास्ता भूल जाओ तो कहानियों के पास जाओ: मिट्टी से उपजी हैं गोरखनाथ की कहानियां, जो दिखाती हैं रोशनी और नया रास्ता
By worldprime
On: मार्च 19, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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