किताब का नाम – अपने हर विचार पर विश्वास मत करो (डोंट बिलीव एवरीथिंग यू थिंक का हिन्दी अनुवाद) लेखक – जोसेफ नुयेन अनुवाद – डॉ. सुधीर दीक्षित प्रकाशक – अनुमोदित प्रकाशन मूल्य – 299 रुपए ओवरथिंकिंग एक ऐसी समस्या है जो व्यक्ति को अंदर – अंदर खोखला कर सकती है। इसके कारण लोग भविष्य की चिंता करते हैं जोसेफ नूयेन की पुस्तक इस मानसिक जाल को तोड़ने के लिए एक आधुनिक मैनुअल है। यह हमें कोई जादुई फार्मूला नहीं देता, बल्कि यह बताता है कि हम पहले से ही शांति और खुशी की स्थिति में हैं। बस अति सोचने की आदत ने इसे हमसे दूर कर दिया है। और अगर आप शांति, प्रेम, संतुष्टि या आनंद की तलाश में हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए है। पुस्तक क्या कहती है? यह पुस्तक एक बहुत ही सरल लेकिन क्रांतिकारी विचार पर आधारित है। इसमें बताया गया है कि सोचना और विचार आना दो अलग-अलग चीजें हैं। विचारों का आना स्वाभाविक है, लेकिन जब हम उन विचारों के बारे में सोचना शुरू करते हैं, तब ही हमें सुख-दुख का एहसास होता है। नुयेन के अनुसार, हमारे दुःख का कारण हमारे जीव यह उन परिस्थितियों के बारे में हमारे निरंतर विश्लेषण और अति-विचार के बारे में है। सोशल मीडिया, दौड़ और तनाव के दौर में?
पुस्तक समीक्षा- मन में आने वाली हर बात सच नहीं: ज्यादा सोचने से ज्यादा दर्द होता है, ओवरथिंकिंग न करें, समझने के लिए यह पुस्तक पढ़ें
By worldprime
On: मार्च 26, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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