आर्टेमिस-2 मिशन अब चांद की ओर बढ़ रहा है। लॉन्च के एक दिन बाद शुक्रवार सुबह 5:19 बजे ओरियन कैप्सूल ने थ्रस्टर्स फायर किए और पृथ्वी की कक्षा छोड़ दी। अब यह अगले 4 दिन अंतरिक्ष में सफर करेगा और वहां पहुंचेगा, जहां आज तक केवल 24 इंसान पहुंच सके हैं। पृथ्वी के ऑर्बिट को छोड़कर चांद की तरफ जाने के लिए इंजन फायर करने की इस प्रोसेस को ‘ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न’ कहते हैं। यह करीब 6 मिनट का मैन्यूवर था, जिसने यान की रफ्तार बढ़ाकर 22,000 मील प्रति घंटा यानी करीब 34 हजार किमी/घंटा कर दी। रास्ते में जरा सी चूक यान को चांद से टकरा सकती है आर्टेमिस-2 अब ‘फ्री-रिटर्न ट्रेजैक्टरी’ पर है। यानी यान अब न्यूटन के गति के पहले नियम- जो वस्तु चल रही है, वह चलती रहेगी के भरोसे आगे बढ़ रहा है। पूरे सफर के दौरान इंजन सिर्फ छोटे-मोटे सुधार के लिए ही फायर किए जाएंगे। यह हिस्सा बेहद संवेदनशील है। रास्ते में जरा सी चूक यान को चांद से टकरा सकती है या उसे अनंत अंतरिक्ष में भटका सकती है। मिशन प्रोग्रेस और अंतरिक्ष यात्रियों के अनुभव नासा बोला- अंतरिक्ष यात्री पूरी तरह स्वस्थ अंतरिक्ष यात्रियों की जीरो ग्रेविटी से बातचीत पांचवां दिन: चंद्रमा की ग्रेविटी में दाखिल होगा आर्टेमिस-2 5 अप्रैल मिशन के पांचवें दिन तक धरती के गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव की वजह से कैप्सूल की रफ्तार धीमी हो जाएगी। जैसे ही ?
पृथ्वी की कक्षा छोड़ चांद की ओर निकले अंतरिक्ष यात्री:34 हजार kmph की रफ्तार से बढ़ रहे; जरा सी चूक से चंद्रमा से टकरा सकता है यान
By worldprime
On: अप्रैल 3, 2026 1:05 अपराह्न
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