भारत कोकिंग कोल (BCCL) की शेयर बाजार में आज यानी सोमवार (19 जनवरी) को 96% प्रीमियम के साथ लिस्टिंग हुई। कंपनी का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹45 पर लिस्ट हुआ, जो कि इसके ₹23 के इश्यू प्राइस से 95.65% ज्यादा है। वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर यह ₹9103 पर लिस्ट हुआ है। जिन निवेशकों को IPO में शेयर अलॉट हुए थे, उनका पैसा पहले ही दिन लगभग दोगुनी हो गया है। कंपनी ने इस पब्लिक इश्यू के जरिए ₹1,071.11 करोड़ जुटाए हैं। यह साल 2026 की पहली बड़ी मेन-बोर्ड लिस्टिंग है। निवेशकों को एक लॉट पर ₹258,22025 का फायदा BCCL के IPO का प्राइस बैंड ₹258.50-₹21 तय किया गया था। एक लॉट में 22024 शेयर थे, जिसके लिए रिटेल निवेशकों को ₹27,20213 निवेश करने पड़े थे। ₹22021 की लिस्टिंग के हिसाब से निवेशकों के एक लॉट की वैल्यू अब बढ़कर ₹234,2288.31 हो गई है। यानी हर निवेशक को एक लॉट पर करीब ₹13,200 का लिस्टिंग गेन मिला है। मार्केट एक्सपर्ट्स की राय, प्रॉफिट बुक करें या बने रहें? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि 96% का प्रीमियम उम्मीद से कहीं बेहतर है। जिन निवेशकों ने केवल लिस्टिंग गेन के लिए पैसा लगाया था, वे अपना मुनाफा वसूल यानी प्रॉफिट बुकिंग कर सकते हैं। हालांकि, जो लंबी अवधि के निवेशक हैं, वे स्टील सेक्टर में कोल की बढ़ती डिमांड को देखते हुए इसमें बने रह सकते हैं। लिस्टिंग के समय कोल इंडिया के शेयरों में मामूली गिरावट देखी गई। IPO को 3 दिन में टोटल 143 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था सरकारी कंपनी होने के बावजूद भी कुछ रिस्क कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा, कर्ज मुक्त है बैलेंस शीट फाइनेंशियल मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन स्थिर रहा है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का रेवेन्यू करीब ₹343,803 करोड़ और मुनाफा ₹1,564 करोड़ रहा। कंपनी की सबसे बड़ी मजबूती यह है कि यह पूरी तरह कर्ज मुक्त (Debt-Free) है और इसके पास भारी कैश फ्लो है। देश का 58% कोकिंग कोल अकेले बनाती है BCCL वित्त वर्ष 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, BCCL की घरेलू उत्पादन में हिस्सेदारी 58.50% है। 1 अप्रैल 2024 तक कंपनी के पास करीब 7,910 मिलियन टन कोयले का भंडार था। कंपनी मुख्य रूप से स्टील और पावर सेक्टर के लिए कोयला तैयार करती है। कंपनी ने 2021 से ‘हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी’ (HEMM) का इस्तेमाल बढ़ाकर अपनी क्षमता में इजाफा किया है। वर्तमान में कंपनी 34 खदानों का संचालन कर रही है। कंपनी झरिया और रानीगंज कोलफील्ड के कुल 288.31 वर्ग किलोमीटर के लीज एरिया में फैली हुई है। क्या होता है कोकिंग कोल और क्यों है इसकी डिमांड? आम कोयले का इस्तेमाल ज्यादातर बिजली बनाने में होता है, लेकिन कोकिंग कोल का इस्तेमाल स्टील बनाने की भट्ठियों में किया जाता है। भारत अपनी जरूरत का काफी कोकिंग कोल आयात करता है, ऐसे में BCCL जैसी घरेलू कंपनी की भूमिका बहुत अहम हो जाती है।
भारत-कोकिंग-कोल के शेयर की 96% प्रीमियम पर लिस्टिंग:₹23 का शेयर ₹45 पर पहुंचा, निवेशकों को 1 लॉट पर ₹13,200 का मुनाफा; 147 गुना सब्सक्राइब हुआ था IPO
By worldprime
On: जनवरी 19, 2026 7:55 पूर्वाह्न
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