क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड राजनीति जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी छत्तीसगढ़

---Advertisement---

मणिपुर हिंसा-घायल मां से 3 दिन बच्चों की मौत छिपाई:अस्पताल में अखबार से सच पता चला; बम हमले में 2 बच्चों की मौत हुई थी

On: अप्रैल 9, 2026 7:04 अपराह्न
Follow Us:
मणिपुर हिंसा घायल मां से 3 दिन बच्चों की मौत छिपाई:अस्पताल में अखबार से सच पता चला; बम हमले में 2 बच्चों की मौत हुई थी
---Advertisement---

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी में 6 अप्रैल की आधी रात एक घर पर बम से हमला हुआ। इसमें 5 साल के बेटे और 203 महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उनकी मां बिनाता ओइनाम गंभीर रूप से घायल हो गईं। अस्पताल में भर्ती बिनाता तीन दिन तक अपने बच्चों के बारे में पूछती रहीं। परिवार के लोग उनकी हालत को देखते हुए सच्चाई छिपाते रहे। उन्होंने बताया कि बच्चों का इलाज चल रहा है। गुरुवार सुबह बिनाता को एक अखबार पढ़कर पता चला कि उनके दोनों बच्चे अब नहीं रहे। खबर पढ़ते ही बिनाता ओइनाम को गहरा सदमा लगा। वह रोने लगीं और बार-बार बेहोश होने लगीं। डॉक्टरों ने दवाएं देकर उन्हें शांत किया। उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। वहीं, परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। दादी बोलीं- हमें पैसे नहीं, न्याय चाहिए मृत बच्चों की दादी ओइनाम लोइदम ने कहा- मेरे दोनों पोतों की क्या गलती थी? इन बच्चों को क्यों सजा मिली? हमें पैसे नहीं, न्याय चाहिए। हमे पांच दिन के भीतर न्याय दिया जाए। उन्होंने कहा कि मैं अपनी बहू का चेहरा भी नहीं देख पा रही हूं। जब भी बच्चों के बारे में सोचती हूं, तो लगता है जैसे यह सब कोई सपना है। उसे आज सुबह ही इस घटना के बारे में पता चला, जब उसके हाथ अस्पताल में एक अखबार लग गया। मुझे लगता है कि सच छिपाने के लिए वह मुझसे नाराज होगी। मेरे दुख को कोई क्यों नहीं देखता? मैं सबसे बदकिस्मत इंसान हूं। पांच से दस दिन में सच्चाई सामने लाने की मांग अस्पताल में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता सुजाता देवी ने कहा कि परिवार के लोग खुद इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। हम सरकार की प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं। पिछले कुछ दिनों में जो कहा गया है, वह हमारे लिए स्वीकार्य नहीं है। जांच की एक तय प्रक्रिया होनी चाहिए। अगर किसी को पकड़ा जाता है, तो उसे पहले राज्य पुलिस को सौंपा जाना चाहिए। सीधे NIA को सौंपना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि हम बार-बार यह सुनकर थक चुके हैं कि कार्रवाई होगी। पांच से दस दिन के भीतर सच्चाई सामने आनी चाहिए। जिम्मेदार अधिकारी को सस्पेंड किया जाना चाहिए। प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। केंद्रीय बलों को हटाया जाए और राज्य पुलिस को स्थिति संभालनी चाहिए। अब समझें 6-7 अप्रैल को क्या हुआ… प्रदर्शनकारियों का CRPF कैंप पर हमला, जवाबी फायरिंग में 2 की जान गई बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में सोमवार देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया। जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे। स्थानीय लोगों ने घटना के विरोध में मंगलवार सुबह प्रोटेस्ट किया। इलाके में एक पेट्रोल पंप के पास दो ऑयल टैंकर और एक ट्रक में आग लगा दी। उन्होंने मोइरांग पुलिस स्टेशन के सामने टायर जलाए और एक पुलिस चौकी को तोड़ दिया। इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए। चुराचांदपुर के पहाड़ी इलाकों के पास बसा है मोइरांग इलाका मणिपुर का मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाका चुराचांदपुर के पहाड़ी इलाकों के पास है। 2023 और 2024 में मैतेई और कुकी-जो ग्रुप्स के बीच जातीय संघर्ष के दौरान यहां लगातार गोलीबारी हुई थी। एक और सीनियर अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को ट्रोंगलाओबी के पास के इलाके से एक एक्सप्लोसिव डिवाइस भी बरामद किया गया। स्थानीय NPP विधायक शांति सिंह ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा, यह घिनौना काम आतंकवाद से कम नहीं है। ऐसे अमानवीय कामों की हमारे समाज में कोई जगह नहीं है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। ———– ये खबर भी पढ़े मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत: सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी मणिपुर में 3 मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के तुरंत बाद गैंगरेप का शिकार हुई 20 साल की युवती की मौत हो गई है। गैंगरेप के समय वह सिर्फ 18 साल की थी। NDTV के अनुसार, महिला लगभग तीन साल पहले किडनैपिंग और गैंगरेप के सदमे से अब तक उबर नहीं पाई थी। गंभीर चोटों के कारण पीड़ित को सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। पूरी खबर पढ़ें…

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

// Function to get current page info for sharing const currentUrl = window.location.href; const pageTitle = document.title; // --- 1. Follow Your Official Pages --- // These links go directly to the URLs you provided // Instagram Follow document.getElementById('wpliteInstagramFollow').addEventListener('click', function() { const instaUrl = 'https://www.instagram.com/worldprime.news?igsh=N3I0azl5ZTd1b3U5&utm_source=qr'; window.open(instaUrl, '_blank'); }); // Facebook Follow document.getElementById('wpliteFacebookFollow').addEventListener('click', function() { const fbUrl = 'https://www.facebook.com/share/1ATWDHQiYR/?mibextid=wwXIfr'; window.open(fbUrl, '_blank'); }); // --- 2. Share Current Page to Others --- // These remain as "Sharing" functions // WhatsApp Share document.getElementById('wpliteWhatsAppShare').addEventListener('click', function() { const whatsappUrl = 'https://api.whatsapp.com/send?text=' + encodeURIComponent(pageTitle + " " + currentUrl); window.open(whatsappUrl, '_blank'); }); // Twitter Share document.getElementById('wpliteTwitterShare').addEventListener('click', function() { const twitterUrl = 'https://twitter.com/intent/tweet?url=' + encodeURIComponent(currentUrl) + '&text=' + encodeURIComponent(pageTitle); window.open(twitterUrl, '_blank'); }); // --- 3. Mobile Native Share (The Floating Button) --- document.getElementById("mobileShareFloatingButton").addEventListener("click", function (e) { e.preventDefault(); if (navigator.share) { navigator.share({ title: pageTitle, url: currentUrl }) .then(() => console.log("Share successful")) .catch(err => console.error("Share failed", err)); } else { alert("Native sharing not supported. Use the icons below!"); } });