एआई की तेज रफ्तार अब फोन, टीवी जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे कर सकती है। एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए डेटा सेंटर्स और सर्वर्स को मेमोरी चिप्स की ज्यादा जरूरत पड़ रही है। इसके चलते कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए चिप की सप्लाई कम हो गई है। इससे इनकी कीमतें 50% तक बढ़ने की संभावना है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की एक रिपोर्ट कहती है कि ऐसे में स्मार्टफोन, टीवी, कम्प्यूटर और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के दाम इस साल हर महीने 7-10% बढ़ सकती है। दरअसल, मेमोरी चिप्स बनाने वाली कंपनियां हाई-बैंडविड्थ मेमोरी और सर्वर-ग्रेड डीआरएएम को प्राथमिकता दे रही हैं, क्योंकि इनमें मुनाफा ज्यादा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, सैमसंग, एसके हाइनिक्स और माइक्रॉन जैसे प्रमुख सप्लायर्स बड़े एआई और सर्वर ग्राहकों को पहले सप्लाई कर रहे हैं। ऑर्डर कंट्रोल सख्त कर दिए हैं और स्टॉकिंग रोक रहे हैं। इससे कंज्यूमर-ग्रेड के मेमोरी चिप्स की उपलब्धता घट गई है। मेमोरी चिप्स के दाम पहले ही 400% तक बढ़ चुके ब्लॉपंक्ट और कोडक के ब्रांड लाइसेंसी सुपर प्लास्ट्रॉनिक्स के सीईओ अवनीत सिंह मारवाह ने कहा कि स्मार्ट टीवी में डीडीआर-3 और डीडीआर-4 मेमोरी इस्तेमाल होती है। लेकिन एआई डिमांड के चलते ये मेमोरी चिप्स सर्वर्स की ओर डायवर्ट हो रही हैं। नतीजतन अंतरराष्ट्रीय बाजार में मेमोरी चिप?
महंगे होंगे गैजेट्स:एआई के बढ़ते क्रेज से चिप की भारी किल्लत, 50% तक महंगे हो सकते हैं फोन और टीवी
By worldprime
On: फ़रवरी 10, 2026 4:23 अपराह्न
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