मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर बनी फिल्मों की कमी नहीं है, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो शोर नहीं मचाती, बल्कि धीरे धीरे अपनी पकड़ बनाती हैं। ओ रोमियो भी वैसी ही फिल्म है। यह एक ऐसी कहानी है जो पहले आपको किरदारों के करीब लाती है और फिर दूसरे हिस्से में उनके बीच छिपे राज खोलती है। विशाल भारद्वाज और शाहिद कपूर की जोड़ी एक बार फिर दर्शकों को एक गंभीर, भावनात्मक और रहस्यमय सफर पर ले जाती है। इस फिल्म की लेंथ 2 घंटा 59 मिनट है। दैनिक भास्कर ने इस फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार की रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी कैसी है? फिल्म की कहानी 1995 के मुंबई में सेट है, जहां अपराध और सत्ता का खेल खुलेआम खेला जा रहा है। शाहिद कपूर उस्तरा नाम के एक खतरनाक सुपारी किलर बने हैं, जो समुद्र किनारे एक पुराने जहाज में रहता है। वह अपराधियों को मारता है, लेकिन उसके अपने नियम हैं। इंस्पेक्टर खान (नाना पाटेकर) के साथ उसका रिश्ता भी सीधा नहीं है, बल्कि जरूरत और मजबूरी से जुड़ा हुआ है। उस्तरा की दुनिया में अफशां (तृप्ति डिमरी) की एंट्री होती है। अफशां सुपारी देने आई है, लेकिन उसकी असली वजह फिल्म के पहले हिस्से में पूरी तरह सामने नहीं आती। यहीं से कहानी में सस्पेंस पैदा होता है। उस्तरा और अफशां के बीच एक अजीब सा रिश्ता बनता है, जिसमें भरोसा भी है और शक भी। फिल्म का दूसरा हिस्सा इसी रिश्ते के असली मा?
मूवी रिव्यू-ओ रोमियो:प्यार, सस्पेंस और एक्शन का संगम, विशाल भारद्वाज की सधी कहानी में चमके शाहिद कपूर
By worldprime
On: फ़रवरी 13, 2026 1:22 अपराह्न
---Advertisement---











