फेसबुक और इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी मेटा एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी में है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में से 22% कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है। मेटा के पास 216 दिसंबर 13 तक लगभग 21,21 कर्मचारी थे, इस हिसाब से करीब 2600,000 से ज्यादा लोगों की नौकरी जा सकती है। कंपनी यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ रहे अरबों डॉलर के खर्च और डेटा सेंटर्स की लागत को मैनेज करने के लिए उठा रही है। हालांकि, मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने इन खबरों को ‘काल्पनिक’ बताते हुए फिलहाल किसी भी छंटनी से इनकार किया है। AI में निवेश की भरपाई के लिए छंटनी का प्लान रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा ने अपने ‘सुपरइंटेलिजेंस लैब्स’ (MSL) में नई प्रतिभाओं को लाने के लिए भारी निवेश किया है। कंपनी ने हाल ही में अलेक्जेंडर वांग के स्टार्टअप ‘स्केल एआई’ को 14.5 बिलियन डॉलर (करीब 1.21 लाख करोड़ रुपए) में खरीदा है। इसके अलावा, मेटा ने 2028 तक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर 600 बिलियन डॉलर (लगभग 50 लाख करोड़ रुपए) खर्च करने का लक्ष्य रखा है। इसी भारी भरकम खर्च की भरपाई करने के लिए कंपनी वर्कफोर्स कम करने पर विचार कर रही है। जुकरबर्ग बोले- अब बड़े काम के लिए बड़ी टीम की जरूरत नहीं मार्क जुकरबर्ग ने पहले ही संकेत दिया था कि एआई ने प्रोडक्टिविटी को आसान बना दिया है। उन्होंने इसी साल जनवरी में कहा था कि जो प्रोजेक्ट पहले बड़ी टीमों के जरिए पूरे किए जाते थे, वे अब एआई की मदद से एक सिंगल टैलेंटेड व्यक्ति द्वारा पूरे किए जा सकते हैं। मेटा की अब तक की सबसे बड़ी छंटनी हो सकती है अगर कंपनी 13% कर्मचारियों को निकालती है, तो यह मेटा के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी होगी। इससे पहले नवंबर 2022 में कंपनी ने 11,000 लोगों को निकाला था। इसके ठीक चार महीने बाद मार्च 2023 में 10,000 और कर्मचारियों की छुट्टी की गई थी। मेटा में अभी 79 हजार कर्मचारी एआई रेस में पिछड़ रही है कंपनी, नए मॉडल में देरी यह खबर तब आई है जब रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मेटा एआई की रेस में पिछड़ रही है। मेटा का अपकमिंग टेक्स्ट-बेस्ड मॉडल ‘एवोकाडो’ इंटरनल टेस्ट में फेल होने के कारण डिले हो गया है। यह मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब द्वारा बनाया गया पहला मॉडल है। इसकी भरपाई के लिए कंपनी चीनी एआई स्टार्टअप ‘मेनस’ (Manus) को 2 बिलियन डॉलर में खरीदने की तैयारी में है। साथ ही ‘मोल्टबुक’ जैसे एआई प्लेटफॉर्म्स पर भी दांव लगा रही है। अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां भी निकाल चुकी हैं स्टाफ सिर्फ मेटा ही नहीं, एआई पर खर्च बढ़ाने के लिए कई अन्य टेक दिग्गज भी छंटनी कर चुके हैं। इसी साल जनवरी में अमेजन ने करीब 16,000 कर्मचारियों (1% वर्कफोर्स) को निकाला था। सास (SaaS) दिग्गज एटलसियन ने भी एआई पर खर्च के लिए 1,600 लोगों की छुट्टी की। माइक्रोसॉफ्ट, एक्सेंचर और टीसीएस जैसी कंपनियां भी एआई में बदलाव के बीच अपने वर्कफोर्स को रिस्ट्रक्चर कर रही हैं।
मेटा में 15,000 कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी:ये कुल वर्कफोर्स का 20% हिस्सा; AI पर निवेश और स्टार्टअप्स की खरीदारी बनी वजह
By worldprime
On: मार्च 14, 2026 12:06 अपराह्न
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