दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर क्रिस मॉरिस ने कहा है कि टी20 विश्व कप से पहले खिलाड़ियों का चोटिल होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि SA20 लीग में विश्व कप के लिए चुने गए खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है, लेकिन लगातार मैचों की वजह से चोट का खतरा भी बढ़ा है। दक्षिण अफ्रीका ने गुरुवार को अपनी टी20 विश्व कप टीम में दो बदलाव किए। रायन रिकेल्टन और ट्रिस्टन स्टब्स को टीम में शामिल किया गया है। वहीं टोनी डी जोरज इसके अलावा डेविड मिलर एलिमिनेटर मैच नहीं खेल पाए। तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी ने क्वालीफायर में सिर्फ दो ओवर डाले। जबकि डेवाल्ड ब्रेविस उंगली में चोट के कारण परेशान हैं। शेड्यूल तंग है- मॉरिस मॉरिस ने कहा कि शेड्यूल काफी तंग है। खिलाड़ी रोजाना मैच खेलते हैं, ट्रैव उन्होंने कहा कि यही हाल आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में भी होता है। ऐसे में मैन मैनेजमेंट सबसे अहम हो जाता है, लेकिन जीत की लय में चल रही टीम में रोटेशन करना आसान नहीं होता। मानसिक थकान से खुद निपटना होता है SA20 में कमेंट्री कर रहे मॉरिस ने कहा कि खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक थकान से खुद ही निपटना पड़ता है। साउथ अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर क्रिस मॉरिस ने कहा है कि टी-20 वर्ल्ड कप से पहले खिलाड़ियों का चोटिल होना दुर्भाग्यपूर्ण है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि SA20 लीग में वर्ल्ड कप के लिए चुने गए खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है, लेकिन लगातार मैचों की वजह से चोट का खतरा भी बढ़ा है। अफ्रीका ने दो बदलाव किए साउथ अफ्रीका ने गुरुवार को अपनी टी-20 वर्ल्ड कप टीम में दो बदलाव किए। रायन रिकेल्टन और ट्रिस्टन स्टब्स को टीम में शामिल किया गया है। वहीं टोनी डी जोरजी और डोनोवन फरेरा SA20 के दौरान चोटिल हो गए थे। इसके अलावा डेविड मिलर एलिमिनेटर मैच नहीं खेल पाए। तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी ने क्वालिफायर में सिर्फ दो ओवर डाले, जबकि डेवाल्ड ब्रेविस उंगली में चोट के कारण परेशान हैं। शेड्यूल टाइट है- मॉरिस मॉरिस ने कहा कि शेड्यूल काफी टाइट है। खिलाड़ी रोजाना मैच खेलते हैं, ट्रैवल करते हैं और रिकवरी का समय बहुत कम मिलता है। उन्होंने कहा कि यही हाल IPL जैसे टूर्नामेंट में भी होता है। ऐसे में मैन मैनेजमेंट सबसे अहम हो जाता है, लेकिन जीत की लय में चल रही टीम में रोटेशन करना आसान नहीं होता। मानसिक थकान से खुद निपटना होता है SA20 में कमेंट्री कर रहे मॉरिस ने कहा कि खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक थकान से खुद ही निपटना पड़ता है। प्रोफेशनल खिलाड़ी हालात के हिसाब से रा? साउथ अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर क्रिस मॉरिस ने कहा है कि टी-20 वर्ल्ड कप से पहले खिलाड़ियों का चोटिल होना दुर्भाग्यपूर्ण है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि SA20 लीग में वर्ल्ड कप के लिए चुने गए खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है, लेकिन लगातार मैचों की वजह से चोट का खतरा भी बढ़ा है। अफ्रीका ने दो बदलाव किए साउथ अफ्रीका ने गुरुवार को अपनी टी-20 वर्ल्ड कप टीम में दो बदलाव किए। रायन रिकेल्टन और ट्रिस्टन स्टब्स को टीम में शामिल किया गया है। वहीं टोनी डी जोरजी और डोनोवन फरेरा SA20 के दौरान चोटिल हो गए थे। इसके अलावा डेविड मिलर एलिमिनेटर मैच नहीं खेल पाए। तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी ने क्वालिफायर में सिर्फ दो ओवर डाले, जबकि डेवाल्ड ब्रेविस उंगली में चोट के कारण परेशान हैं। शेड्यूल टाइट है- मॉरिस मॉरिस ने कहा कि शेड्यूल काफी टाइट है। खिलाड़ी रोजाना मैच खेलते हैं, ट्रैवल करते हैं और रिकवरी का समय बहुत कम मिलता है। उन्होंने कहा कि यही हाल IPL जैसे टूर्नामेंट में भी होता है। ऐसे में मैन मैनेजमेंट सबसे अहम हो जाता है, लेकिन जीत की लय में चल रही टीम में रोटेशन करना आसान नहीं होता। मानसिक थकान से खुद निपटना होता है SA20 में कमेंट्री कर रहे मॉरिस ने कहा कि खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक थकान से खुद ही निपटना पड़ता है। प्रोफेशनल खिलाड़ी हालात के हिसाब से रा?
मॉरिस बोले- साउथ अफ्रीकी प्लेयर्स की फिटनेस चिंता: टी-20 वर्ल्ड कप से पहले टाइट शेड्यूल में यही चुनौती; SA20 में कमेंट्री कर रहे
By worldprime
On: जनवरी 23, 2026 4:45 अपराह्न
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