मोरक्को को एएफसीओएन 33 का चैंपियन घोषित किया गया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ अफ्रीकन फुटबॉल (सीएएफ) ने सेनेगल की 1-0 की जीत को रद्द कर दिया है। यह फैसला 18 जनवरी को खेले गए फाइनल मैच दरअसल, मैच के अंतिम समय में सेनेगल के खिलाड़ियों ने रेफरी के एक फैसले के विरोध में मैदान छोड़ दिया था, जिसके नियमों का उल 18 जनवरी को खेले गए फाइनल मैच में निर्धारित समय तक स्कोर 0-0 की बराबरी पर था। इस फैसले से सेनेगल के खिलाड़ी नाराज हो गए और विरोध स्वरूप मैदान से बाहर चले गए। करीब 17 मिनट तक खेल रुका रहा। बाद में खिलाड़ वापस लौटे, मोरक्को के ब्राहिम डियाज पेनल्टी पर गोल करने से चूक गए और अतिरिक्त समय में सेनेगल के पापे गुये ने गोल कर अपनी टीम को 1-0 से जीत दिला दी थी। के आधार पर पलटा गया फैसला मोरक्को फुटबॉल फेडरेशन (एफआरएमएफ) ने मैच के नतीजों को लेकर सीएएफ की अपील समिति में चुनौती दी थी। सीएएफ ने अपनी जांच में पाया कि सेनेगल ने एएफसीओएन रेगु इस नियम के अनुसार, यदि कोई टीम रेफरी की अनुमति के बिना मैच खत्म होने से पहले मैदान छोड़ती है, तो उसे हारा हुआ माना जाता है। अनुच्छेद 84 के अंतर्गत ऐसी स्थिति में विरोधी टीम को 3-0 से विजेता घोषित कर दिया? मोरक्को को AFCON 2025 का चैंपियन घोषित किया गया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ अफ्रीकन फुटबॉल (CAF) ने सेनेगल की 1-0 की जीत को रद्द कर दिया है। यह फैसला 18 जनवरी को खेले गए फाइनल मैच के दौरान हुए विवाद के बाद लिया गया है। दरअसल, मैच के आखिरी समय में सेनेगल के खिलाड़ियों ने रेफरी के एक फैसले के विरोध में मैदान छोड़ दिया था,जिसे नियमों का उल्लंघन माना गया है। क्या था विवाद 18 जनवरी को खेले गए फाइनल मैच में निर्धारित समय तक स्कोर 0-0 की बराबरी पर था। स्टॉपेज टाइम (इंजुरी टाइम) में रेफरी ने मेजबान मोरक्को के पक्ष में एक पेनल्टी दी। इस फैसले से सेनेगल के खिलाड़ी नाराज हो गए और विरोध स्वरूप मैदान से बाहर चले गए। करीब 17 मिनट तक खेल रुका रहा। बाद में खिलाड़ी वापस लौटे, मोरक्को के ब्राहिम डियाज पेनल्टी पर गोल करने से चूक गए और एक्स्ट्रा टाइम में सेनेगल के पापे गुये ने गोल कर अपनी टीम को 1-0 से जीत दिला दी थी। नियमों के आधार पर पलटा गया फैसला मोरक्को फुटबॉल फेडरेशन (FRMF) ने मैच के नतीजों को लेकर CAF की अपील कमेटी में चुनौती दी थी। CAF ने अपनी जांच में पाया कि सेनेगल ने AFCON रेगुलेशन के आर्टिकल 82 का उल्लंघन किया है। इस नियम के मुताबिक, अगर कोई टीम रेफरी की अनुमति के बिना मैच खत्म होने से पहले मैदान छोड़ती है, तो उसे हारा हुआ माना जाता है। आर्टिकल 84 के तहत ऐसी स्थिति में विरोधी टीम को 3-0 से विजेता घोषित कर दि? मोरक्को को AFCON 2025 का चैंपियन घोषित किया गया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ अफ्रीकन फुटबॉल (CAF) ने सेनेगल की 1-0 की जीत को रद्द कर दिया है। यह फैसला 18 जनवरी को खेले गए फाइनल मैच के दौरान हुए विवाद के बाद लिया गया है। दरअसल, मैच के आखिरी समय में सेनेगल के खिलाड़ियों ने रेफरी के एक फैसले के विरोध में मैदान छोड़ दिया था,जिसे नियमों का उल्लंघन माना गया है। क्या था विवाद 18 जनवरी को खेले गए फाइनल मैच में निर्धारित समय तक स्कोर 0-0 की बराबरी पर था। स्टॉपेज टाइम (इंजुरी टाइम) में रेफरी ने मेजबान मोरक्को के पक्ष में एक पेनल्टी दी। इस फैसले से सेनेगल के खिलाड़ी नाराज हो गए और विरोध स्वरूप मैदान से बाहर चले गए। करीब 17 मिनट तक खेल रुका रहा। बाद में खिलाड़ी वापस लौटे, मोरक्को के ब्राहिम डियाज पेनल्टी पर गोल करने से चूक गए और एक्स्ट्रा टाइम में सेनेगल के पापे गुये ने गोल कर अपनी टीम को 1-0 से जीत दिला दी थी। नियमों के आधार पर पलटा गया फैसला मोरक्को फुटबॉल फेडरेशन (FRMF) ने मैच के नतीजों को लेकर CAF की अपील कमेटी में चुनौती दी थी। CAF ने अपनी जांच में पाया कि सेनेगल ने AFCON रेगुलेशन के आर्टिकल 82 का उल्लंघन किया है। इस नियम के मुताबिक, अगर कोई टीम रेफरी की अनुमति के बिना मैच खत्म होने से पहले मैदान छोड़ती है, तो उसे हारा हुआ माना जाता है। आर्टिकल 84 के तहत ऐसी स्थिति में विरोधी टीम को 3-0 से विजेता घोषित कर दि?
मोरक्को को AFCON 2025 का चैंपियन घोषित किया गया:अफ्रीकी फुटबॉल फेडरेशन ने सेनेगल की जीत रद्द की, मैच के बीच मैदान छोड़ना गलत माना
By worldprime
On: मार्च 18, 2026 7:50 पूर्वाह्न
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