67 साल के घरेलू क्रिकेट इतिहास में पहली बार जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंच गया है। कल्याणी में खेले गए रणजी ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले 2015 में जम्मू-कश्मीर ने दो बार की पूर्व चैंपियन बंगाल को 6 विकेट से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। जीत के लिए मिले 126 रन के छोटे लक्ष्य को टीम ने चौथे दिन भी हासिल नहीं किया। न 34.4 ओवर में 33 विकेट खोकर हासिल कर लिया। वंशज शर्मा ने 43 रन बनाए, जबकि आईपीएल स्टार अब्दुल समद 30 रन बनाकर नाबाद रहे और टीम को जीत तक पहुंचाया। इस जीत के हीरो तेज गेंद बाज आकीब नबी रहे, जिन्होंने मैच में कुल 9 विकेट लेकर बंगाल की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इसके अलावा उन्होंने पहली पारी में 42 रन बनाकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। समद की आक्रामक बल्लेबाजी और वंशज का छक्का मैच के चौथे दिन जम्मू-कश्मीर को जीत के लिए 83 रन की जरूरत थी और उनके 8 विकेट सुरक्षित थे। शुभम पुंडीर (27) और कप्तान पारस डोगरा (9) जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम पर दबाव बढ़ गया था। इसके बाद अब्दुल समद और 22 वर्षीय युवा वंशज शर्मा ने मोर्चा संभाला। 55 रन की अटूट साझेदारी हुई। समद ने अपनी 27 गेंदों की पारी में 3 छक्के और 1 चौका लगाकर बंगाल के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। मैच का अंत वंशज शर्मा ने म उकेश कुमार की गेंद पर लॉन्ग ऑन के ऊपर से शानदार छक्का लगाकर किया। 67 साल के घरेलू क्रिकेट इतिहास में पहली बार जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंच गया है। कल्याणी में खेले गए रणजी ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने दो बार की पूर्व चैंपियन बंगाल को 6 विकेट से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। जीत के लिए मिले 126 रनों के छोटे लक्ष्य को टीम ने चौथे दिन 34.4 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। वंशज शर्मा ने 43 रन बनाए, जबकि IPL स्टार अब्दुल समद 30 रन बनाकर नाबाद रहे और टीम को जीत तक पहुंचाया। इस जीत के हीरो तेज गेंदबाज आकीब नबी रहे, जिन्होंने मैच में कुल 9 विकेट लेकर बंगाल की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इसके अलावा उन्होंने पहली पारी में 42 रन बनाकर टीम की जीत में अहम योगदान भी दिया। समद की आक्रामक बैटिंग और वंशज का छक्का मैच के चौथे दिन जम्मू-कश्मीर को जीत के लिए 83 रनों की जरूरत थी और उनके 8 विकेट सुरक्षित थे। सुबह के सत्र में शुभम पुंडीर (27) और कप्तान पारस डोगरा (9) जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम पर दबाव बढ़ गया था। इसके बाद अब्दुल समद और 22 साल के युवा वंशज शर्मा ने मोर्चा संभाला। दोनों के बीच 55 रनों की अटूट साझेदारी हुई। समद ने अपनी 27 गेंदों की पारी में 3 छक्के और 1 चौका लगाकर बंगाल के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। मैच का अंत वंशज शर्मा ने मुकेश कुमार की गेंद पर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शानदार छक्का लगाकर किया। बंगाल के 67 साल के घरेलू क्रिकेट इतिहास में पहली बार जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंच गया है। कल्याणी में खेले गए रणजी ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने दो बार की पूर्व चैंपियन बंगाल को 6 विकेट से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। जीत के लिए मिले 126 रनों के छोटे लक्ष्य को टीम ने चौथे दिन 34.4 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। वंशज शर्मा ने 43 रन बनाए, जबकि IPL स्टार अब्दुल समद 30 रन बनाकर नाबाद रहे और टीम को जीत तक पहुंचाया। इस जीत के हीरो तेज गेंदबाज आकीब नबी रहे, जिन्होंने मैच में कुल 9 विकेट लेकर बंगाल की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इसके अलावा उन्होंने पहली पारी में 42 रन बनाकर टीम की जीत में अहम योगदान भी दिया। समद की आक्रामक बैटिंग और वंशज का छक्का मैच के चौथे दिन जम्मू-कश्मीर को जीत के लिए 83 रनों की जरूरत थी और उनके 8 विकेट सुरक्षित थे। सुबह के सत्र में शुभम पुंडीर (27) और कप्तान पारस डोगरा (9) जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम पर दबाव बढ़ गया था। इसके बाद अब्दुल समद और 22 साल के युवा वंशज शर्मा ने मोर्चा संभाला। दोनों के बीच 55 रनों की अटूट साझेदारी हुई। समद ने अपनी 27 गेंदों की पारी में 3 छक्के और 1 चौका लगाकर बंगाल के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। मैच का अंत वंशज शर्मा ने मुकेश कुमार की गेंद पर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शानदार छक्का लगाकर किया। बंगाल के
रणजी ट्रॉफी- 67 साल में जम्मू-कश्मीर पहली बार फाइनल में: बंगाल को 6 विकेट से हराया; आकिब नबी ने 9 विकेट लिए
By worldprime
On: फ़रवरी 18, 2026 12:33 अपराह्न
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