राजस्थान के विभिन्न स्कूलों में टीचर्स की भूमिका में जज नजर आए। उन्होंने स्टूटेंड्स को साइबर सिक्योरिटी की बारीकियां भी बताईं। मंगलवार सुबह जयपुर, कोटा, अजमेर सहित तमाम शहरों में अलग-अलग कोर्ट में तैनात जज स्कूलों में पहुंचे और बच्चों को साइबर फ्रॉड के तरीके, उससे बचने के उपाय बताए। जयपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व डिस्ट्रिक्ट जज (DJ) पवन जीनवाल ने बजाज नगर स्थित केंद्रीय विद्यालय-1 में बच्चों को साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाया। साइबर बुलिंग, ओटीपी स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, इंटरनेट के सही इस्तेमाल और साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों के प्रति बच्चों को जागरूक किया गया। कोटा के जिला न्यायाधीश सत्यनारायण व्यास स्वामी विवेकानंद नगर स्थित मां भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बच्चों को जागरूक किया। उन्होंने छात्रों को व्यवहारिक उदाहरण देते हुए समझाया कि सोशल मीडिया पर हर जानकारी साझा करना खतरनाक है। उन्होंने कहा- अगर आप कहीं घूमने जा रहे हैं और उसकी सूचना सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देते हैं, तो पीछे से आपके घर में चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है। आपकी निजी जानकारी सार्वजनिक होते ही आप अपराधियों के रडार पर आ जाते हैं। कोटा के प्रेम नगर स्थित स्टार पब्लिक स्कूल में कोटा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की चीफ जूडिशयल मजिस्ट्रेट विभा आर्या ने छात्रों की क्लास ली। उन्होंने वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती ‘साइबर सिक्योरिटी’ पर विस्तार से चर्चा की। राज्य में ‘एम्पावरिंग राजस्थान यूथ: ए लीगल लिटरेसी इनेशेटिव-2026’ के तहत यह अनूठी पहल शुरू हुई है, जिसमें न्यायिक अधिकारी (जजेज) सीधे स्कूल पहुंचकर बच्चों को जागरूक कर रहे हैं। छोटी सी लापरवाही बड़े साइबर अपराध को दावत दे सकती है कोटा में सेशन के दौरान महिला जज विभा आर्या ने छात्रों को आगाह करते हुए कहा- आज के डिजिटल युग में मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग अनिवार्य हो गया है, लेकिन इसका सीमित और सुरक्षित उपयोग ही आपको सुरक्षित रख सकता है। आपकी एक छोटी सी लापरवाही बड़े साइबर अपराध को दावत दे सकती है। इन 4 प्रमुख खतरों से बचने के बताए उपाय… सेशन में जज ने बच्चों को प्रैक्टिकल उदाहरण देकर समझाया- ऑनलाइन ठगी: अनजान लिंक पर क्लिक न करें और ओटीपी साझा करने से बचें। फर्जी कॉल : बैंक अधिकारी या परिचित बनकर आने वाली कॉल से सावधान रहें। सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग: अपनी निजी तस्वीरें और जानकारी अनजान लोगों के साथ साझा न करें। परिचित बनकर ठगी: डीपी (DP) बदलकर या विश्वास जीतकर पैसे मांगने वालों की तुरंत रिपोर्ट करें। ‘सीक्रेट कंप्लेंट बॉक्स’ से सुलझेंगी मुश्किलें स्कूल में जागरूकता के साथ-साथ सुरक्षा का एक और पुख्ता इंतजाम किया गया है। स्कूल परिसर में एक कंप्लेंट बॉक्स रखा गया है। इसमें छात्र-छात्राएं अपनी शिकायत गुप्त रूप से डाल सकेंगे। जज दो दिन बाद फिर स्कूल आकर इन शिकायतों को कलेक्ट करेंगे। पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…
राजस्थान के स्कूलों में टीचर्स की भूमिका में आए जज:कोटा के जिला जज बोले- सोशल मीडिया पर हर जानकारी साझा करना खतरनाक
By worldprime
On: अप्रैल 7, 2026 7:07 पूर्वाह्न
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