रायपुर : छत्तीसगढ़ में ध्वस्त हो चुकी,पुलिस व्यवस्था को कारगर बनाने के लिए रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की गई है| लेकिन,शुरुआती दौर से ही यह सिस्टम राज्य की बीजेपी सरकार के अरमानों पर पानी फेर रहा है| छत्तीसगढ़ शासन ने रायपुर के जिन इलाकों को चिन्हित कर कमिश्नर प्रणाली के अधिकार के क्षेत्र में शामिल किया है,उनमें से ज़्यादातर इलाकों में अपराधों में ना केवल तेज़ी आई है,बल्कि आम शिकायकर्ताओं से कार्यवाही के नाम पर अवैध वसूली का ग्राफ भी तेज़ी से ऊपर चढ़ रहा है| कई थानों के इर्द-गिर्द रेत और विभिन्न खनिजों से लदे वाहनों की लंबी कतारे साफ़ कर रही है,कि जाँच-पड़ताल के नाम पर आख़िर चल क्या रहा है ? पीड़ितों की माने तो अब FIR दर्ज़ कराना तक दूभर हो गया है| यह भी पढ़े : PMGSY में 1 हज़ार करोड़ के टेंडर-निविदा घोटाले में सुर्ख़ियों में “लिंगाराम”, ईएनसी के बचाव में दांव पर बीजेपी सरकार का सुशासन, फ़र्जी जाति प्रमाण पत्र अनुसूचित जाति/जनजाति पर भारी… ताज़ा मामला,उस एयर होस्टेस दंपति की शर्मनाक वारदातों से जुड़ा है,जिसके ठिकाने पर अनुसूचित जाति वर्ग की एक नाबालिग युवती को घर के दैनिक कामकाज़ के लिए नौकरी पर रखा गया था| परिजनों की माने तो, इस युवती के साथ अमानवीय घटनाएं आम हो चुकी थी | पीड़ित युवती तस्दीक करती है,कि एयर होस्टेस का पति उस पर बुरी नजर रखता था,उसे मारा-पी
रायपुर की पुलिस कमिश्नर प्रणाली लाभ के धंधे में तब्दील,जोरों पर अवैध वसूली,एयर होस्टेस दंपति ने नाबालिग लड़की का किया शोषण,थाने में रिपोर्ट वापसी के लिए बच्ची को थर्ड डिग्री…
By worldprime
On: मार्च 11, 2026 2:35 अपराह्न
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