आईपीएल के पूर्व आयुक्त ने कहा कि मौजूदा आईपीएल फॉर्मेट से बीसीसीआई और फ्रेंचाइजी को हर सीजन करीब 2,400 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा, यह वो नहीं जो हमने बेचा था। उन्होंने स्पोर्ट्स स्टार के इंटरव्यू में कहा, शुरुआत में हर टीम को एक-दूसरे से दो बार खेलने का प्लान था। हालांकि, आईपीएल ने होम-एंड-अवे सिस्टम बदलकर 2003 मैच ही रखे। इससे फ्रेंचाइजी को नुकसान हो रहा है। यह वो नहीं जो हमने ब उन्होंने कहा कि हर मैच के लिए बीसीसीआई को 50% और बाकी 50% टीमों में बांटा जाता है। इससे टीमों को 20 मैचों का नुकसान हो रहा है। ल्यू उन्होंने स्पोर्ट्सस्टार से कहा, आईपीएल की असली वैल्यू होम-एंड-अवे फॉर्मेट में है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सभी टीमों ने इस बदलाव पर सहमति दी थी और कहा कि ऐसा नहीं हुआ होगा। उन्होंने कहा कि अगर होम एंड अवे फॉर्मेट में 94 मैच होते और प्रत्येक मैच की कीमत 118 करोड़ रुपये होती तो मीडिया राइट्स से 2,400 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई होती। इससे बीसीसीआई को 2,400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलता है। IPL के पूर्व कमिश्नर ने कहा कि मौजूदा IPL फॉर्मेट से BCCI और फ्रेंचाइजी को हर सीजन करीब 2,400 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। उनके मुताबिक, कम मैच इसकी सबसे बड़ी वजह है। उन्होंने कहा, यह वो नहीं जो हमने बेचा था। उन्होंने स्पोर्ट्स स्टार के इंटरव्यू में कहा, शुरू में हर टीम को एक-दूसरे से दो बार खेलने का प्लान था। 2022 में 10 टीम होने पर 90 लीग मैच और चार नॉकआउट मैच होते। हालांकि, IPL ने होम-एंड-अवे सिस्टम बदलकर 74 मैच ही रखे। इससे फ्रेंचाइजियों को नुकसान हो रहा है। यह वो नहीं जो हमने बेचा था। उन्होंने कहा, हर मैच के लिए BCCI को 50% और बाकी 50% टीमों में बांटा जाता है। इससे टीमों को 20 मैचों का नुकसान हो रहा है। होम-एंड-अवे फॉर्मेट में छिपी है असली वैल्यू उन्होंने स्पोर्ट्सस्टार से कहा, IPL की असली वैल्यू होम-एंड-अवे फॉर्मेट में है। अगर कैलेंडर में मैचों की जगह नहीं थी, तो टीमों की संख्या नहीं बढ़ानी चाहिए थी। उन्होंने कहा, हमने IPL इस तरह नहीं बेचा था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सभी टीमों ने इस बदलाव पर सहमति दी थी और कहा कि ऐसा नहीं हुआ होगा। 94 मैच होते तो बढ़ती कमाई उन्होंने कहा, अगर होम-एंड-अवे फॉर्मेट में 94 मैच होते और हर मैच की कीमत 118 करोड़ रुपए होती, तो मीडिया राइट्स से 2,400 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई होती। यानी BCCI को 2,400 करोड़ रुपए का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलता। इसमें 1,200 करोड़ रुपए 10 टी? IPL के पूर्व कमिश्नर ने कहा कि मौजूदा IPL फॉर्मेट से BCCI और फ्रेंचाइजी को हर सीजन करीब 2,400 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। उनके मुताबिक, कम मैच इसकी सबसे बड़ी वजह है। उन्होंने कहा, यह वो नहीं जो हमने बेचा था। उन्होंने स्पोर्ट्स स्टार के इंटरव्यू में कहा, शुरू में हर टीम को एक-दूसरे से दो बार खेलने का प्लान था। 2022 में 10 टीम होने पर 90 लीग मैच और चार नॉकआउट मैच होते। हालांकि, IPL ने होम-एंड-अवे सिस्टम बदलकर 74 मैच ही रखे। इससे फ्रेंचाइजियों को नुकसान हो रहा है। यह वो नहीं जो हमने बेचा था। उन्होंने कहा, हर मैच के लिए BCCI को 50% और बाकी 50% टीमों में बांटा जाता है। इससे टीमों को 20 मैचों का नुकसान हो रहा है। होम-एंड-अवे फॉर्मेट में छिपी है असली वैल्यू उन्होंने स्पोर्ट्सस्टार से कहा, IPL की असली वैल्यू होम-एंड-अवे फॉर्मेट में है। अगर कैलेंडर में मैचों की जगह नहीं थी, तो टीमों की संख्या नहीं बढ़ानी चाहिए थी। उन्होंने कहा, हमने IPL इस तरह नहीं बेचा था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सभी टीमों ने इस बदलाव पर सहमति दी थी और कहा कि ऐसा नहीं हुआ होगा। 94 मैच होते तो बढ़ती कमाई उन्होंने कहा, अगर होम-एंड-अवे फॉर्मेट में 94 मैच होते और हर मैच की कीमत 118 करोड़ रुपए होती, तो मीडिया राइट्स से 2,400 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई होती। यानी BCCI को 2,400 करोड़ रुपए का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलता। इसमें 1,200 करोड़ रुपए 10 टी?
ललित मोदी का बीसीसीआई पर आरोप: आईपीएल में हर सीजन 2,400 करोड़ का नुकसान, यह वो नहीं जो हमने बेचा था
By worldprime
On: अप्रैल 7, 2026 3:10 अपराह्न
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