जब भी कोई आईसीसी टूर्नामेंट भारत में होता है, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) का रवैया लगभग तय रहता है. पहले वह कहता है – हम नहीं खेलेंगे. फिर कुछ दिन बाद कहता है – हम ख लेकिन, हमारी शर्तें माननी होंगी और आखिर में, टूर्नामेंट खेल भी लेता है, मगर तब तक इतना हंगामा कर चुका होता है कि पूरा इवेंट उसी के इर्द-गिर्द घूमता रहेगा खता है. यही वजह है कि पिछले कुछ सालों से ICC टूर्नामेंट में पाकिस्तान का रोल क्रिकेट टीम से ज्यादा शादी में आए फूफा जैसा लगने लगा है, जो पहले कहता है, ‘मैं नही आऊंगा’, फिर कहता है, ‘आऊंगा लेकिन मेरी बात चलेगी’, और अंत में खाना खाकर फोटो खिंचवाकर निकल जाता है. पाकिस्तान के इस रवैये की शुरुआत भारत में हुए 2023 वनडे वर्ल्ड इस बार भी पाकिस्तान ने पहले भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार किया, फिर यू-टर्न ले लिया। बीच में इतना माहौल बनाया गया कि बांग्लादेश की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। सवाल है, पाकिस्तान ऐसा करता क्यों है? जवाब भावनाओं में नहीं, पावर, पैरिटी, पैसे, पॉलिटिक्स और प्रतिशोध में छिपा है। हैं- 1. पावरः क्रिकेट जगत को अपनी इम्पोर्टेंस जताना 2. समानता: भारत से बराबरी की जिद, क्रिकेट में भी 3. भार? जब भी कोई ICC टूर्नामेंट भारत में होता है, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का रवैया लगभग तय रहता है। पहले वह कहता है – हम नहीं खेलेंगे। फिर कुछ दिन बाद कहता है – हम खेलेंगे, लेकिन हमारी शर्तें माननी होंगी और आखिर में, टूर्नामेंट खेल भी लेता है, मगर तब तक इतना हंगामा कर चुका होता है कि पूरा इवेंट उसी के इर्द-गिर्द घूमता दिखता है। यही वजह है कि पिछले कुछ सालों से ICC टूर्नामेंट में पाकिस्तान का रोल क्रिकेट टीम से ज्यादा शादी में आए फूफा जैसा लगने लगा है, जो पहले कहता है, ‘मैं नहीं आऊंगा’, फिर कहता है, ‘आऊंगा लेकिन मेरी बात चलेगी’, और अंत में खाना खाकर फोटो खिंचवाकर निकल जाता है। पाकिस्तान के इस रवैये की शुरुआत भारत में हुए 2023 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान हुई थी। तब वह बहुत आनाकानी करने के बाद खेलने के लिए राजी हुआ। इस बार भी पाकिस्तान ने पहले भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार किया, फिर यू-टर्न ले लिया। बीच में इतना माहौल बनाया गया कि बांग्लादेश की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। सवाल है, पाकिस्तान ऐसा करता क्यों है? जवाब भावनाओं में नहीं, पावर, पैरिटी, पैसे, पॉलिटिक्स और प्रतिशोध में छिपा है। पाकिस्तान का ये रवैया सिर्फ जिद या राजनीति नहीं है। इसके पीछे पांच ठोस वजहें हैं- 1. पावरः क्रिकेट जगत को अपनी इम्पोर्टेंस जताना 2. पैरिटीः भारत से बराबरी की जिद, क्रिकेट में भी 3. पैसेः भार? जब भी कोई ICC टूर्नामेंट भारत में होता है, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का रवैया लगभग तय रहता है। पहले वह कहता है – हम नहीं खेलेंगे। फिर कुछ दिन बाद कहता है – हम खेलेंगे, लेकिन हमारी शर्तें माननी होंगी और आखिर में, टूर्नामेंट खेल भी लेता है, मगर तब तक इतना हंगामा कर चुका होता है कि पूरा इवेंट उसी के इर्द-गिर्द घूमता दिखता है। यही वजह है कि पिछले कुछ सालों से ICC टूर्नामेंट में पाकिस्तान का रोल क्रिकेट टीम से ज्यादा शादी में आए फूफा जैसा लगने लगा है, जो पहले कहता है, ‘मैं नहीं आऊंगा’, फिर कहता है, ‘आऊंगा लेकिन मेरी बात चलेगी’, और अंत में खाना खाकर फोटो खिंचवाकर निकल जाता है। पाकिस्तान के इस रवैये की शुरुआत भारत में हुए 2023 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान हुई थी। तब वह बहुत आनाकानी करने के बाद खेलने के लिए राजी हुआ। इस बार भी पाकिस्तान ने पहले भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार किया, फिर यू-टर्न ले लिया। बीच में इतना माहौल बनाया गया कि बांग्लादेश की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। सवाल है, पाकिस्तान ऐसा करता क्यों है? जवाब भावनाओं में नहीं, पावर, पैरिटी, पैसे, पॉलिटिक्स और प्रतिशोध में छिपा है। पाकिस्तान का ये रवैया सिर्फ जिद या राजनीति नहीं है। इसके पीछे पांच ठोस वजहें हैं- 1. पावरः क्रिकेट जगत को अपनी इम्पोर्टेंस जताना 2. पैरिटीः भारत से बराबरी की जिद, क्रिकेट में भी 3. पैसेः भार?
वर्ल्डकप में शादी वाला फूफा क्यों बन जाता है पाकिस्तान:पावर, पैसा, पॉलिटिक्स वजह, 1 मैच न होने से ₹1700 करोड़ तक का नुकसान
By worldprime
On: फ़रवरी 15, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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