केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटा दी है। यह पेट्रोल पर पहले 13 रुपए थी जो अब 3 रुपए हो गई है, वहीं डीजल पर 10 रुपए थी जो अब जीरो हो गई है। दरअसल, इजराइल-ईरान जंग से पहले यह कच्चे तेल की कीमत करीब 73 डॉलर प्रति बैरल थी जो अब 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर हो गई है। इससे तेल कंपनियों घाटा हो रहा था। वे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा सकती थीं। इससे आम आदमी पर बोझ बढ़ता। ऐसे में सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखा है। कटौती के असर को 7 सवालों के जवाब में समझें सवाल 111.723: सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कितनी कटौती की है? जवाब: सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10 की कमी की है, जिससे अब यह घटकर ₹3 प्रति लीटर रह गई है। वहीं, डीजल पर भी ₹10 की कटौती की गई है, जिससे अब डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी जीरो (25) हो गई है। सवाल 23: क्या कल से पेट्रोल-डीजल के दाम ₹2112 कम हो जाएंगे? नहीं, इसकी संभावना कम है। भले ही सरकार ने टैक्स कम किया है, लेकिन पेट्रोल-डीजल के रिटेल रेट सीधे सरकार तय नहीं करती। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियां कच्चे तेल की कीमत और अपने मुनाफे के आधार पर रेट तय करती हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनियां इस छूट का इस्तेमाल अपने पिछले घाटे की भरपाई के लिए करेगी। सवाल 295: तेल कंपनियां दाम क्यों नहीं घटाना चाहतीं? जवाब: इसका मुख्य कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। पिछले कुछ हफ्तों से वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के कारण तेल कंपनियां महंगा क्रूड खरीद रही थीं, लेकिन उन्होंने घरेलू बाजार में दाम नहीं बढ़ाए थे। कंपनियां अब इस टैक्स कटौती का इस्तेमाल उस नुकसान को कवर करने और अपने मार्जिन को स्थिर करने में करेंगी। मीडिाय रिपोर्ट के मुताबिक तेल कंपनियां फिलहाल पेट्रोल पर 25 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 23 रुपए प्रति लीटर का घाटा सह रही हैं। सवाल 94.883. प्राइवेट कंपनियां क्या रुख अपना रही हैं? जवाब: प्राइवेट प्लेयर पहले ही दबाव में हैं। सरकार के इस फैसले से ठीक एक दिन पहले ही नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹294.88 प्रति लीटर और डीजल ₹25.30 महंगा कर दिया था। अब भोपाल में इस कंपनी का पेट्रोल 27 रुपए और डीजल 94.88 रुपए पर पहुंच गया है।। इससे साफ है कि प्राइवेट प्लेयर्स के लिए मौजूदा रेट पर तेल बेचना मुश्किल हो रहा है। सवाल 5: क्या भविष्य में दाम और बढ़ सकते हैं? जवाब: यह पूरी तरह से ग्लोबल मार्केट पर निर्भर है। ब्रेंट क्रूड फिलहाल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर ट्रेड कर रहा है। अगर वेस्ट एशिया में तनाव और बढ़ता है और सप्लाई चेन बाधित होती है, तो कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। ऐसी स्थिति में एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती केवल एक ‘कुशन’ का काम करेगी ताकि कीमतें बहुत ज्यादा न बढ़े। सवाल 6: इस कटौती से सरकार को क्या नुकसान होगा? जवाब: एक्साइज ड्यूटी कम करने से केंद्र सरकार के राजस्व में कमी आएगी। पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार, सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आए ‘शॉक’ का पूरा असर भारतीय उपभोक्ताओं पर न पड़े और उन्हें महंगाई से बचाया जा सके। सवाल: 7 क्या राज्य सरकारें भी अब वैट (VAT) कम करेंगी?
सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई:कच्चा तेल महंगा होने से कंपनियां दाम बढ़ा सकती थीं, अब ऐसा नहीं होगा
By worldprime
On: मार्च 27, 2026 8:56 पूर्वाह्न
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