सूरज बड़जात्या एक बार फिर प्रेम और पारिवारिक मूल्यों की अपनी विशिष्ट दुनिया के साथ दर्शकों के सामने हैं। अपने नए शो ‘संगमरमर’ के जरिए वह बदलते समय में रिश्तों की गहराई और भावनाओं की निरंतरता को नए अंदाज में प्रस्तुत कर रहे हैं। 25 वर्षों में फैली यह प्रेम यात्रा सिर्फ दो लोगों की कहानी नहीं, बल्कि उन संवेदनाओं का विस्तार है जो पीढ़ियों को जोड़ती हैं। जियो स्टूडियोज के सहयोग से बनी यह श्रृंखला टेलीविजन और ओटीटी के बीच एक सेतु बनाने की कोशिश भी है, जहां पारिवारिक दर्शक और नई पीढ़ी एक साथ जुड़ सकें। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में सूरज बड़जात्या ने प्रेम की बदलती परिभाषाओं पर खुलकर अपनी बात रखी। उनका मानना है कि दौर चाहे कोई भी हो, हर इंसान के भीतर सच्चे प्रेम और सम्मान की चाह समान रहती है। एक्शन और शोर-शराबे के बीच भी भावनात्मक कहानियों की अपनी जगह होती है,बशर्ते उनमें सच्चाई और विश्वास हो। बड़जात्या का विश्वास है कि अच्छी कहानी अंततः अपना रास्ता खुद बना लेती है और परिवार संग देखे जाने वाली फिल्मों की मांग आज भी कायम है। पेश है सूरज बड़जात्या से हुई बातचीत के कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: ‘संगमरमर’ आपके लिए कितनी खास है? इसमें आपका क्या जुड़ाव है? जवाब: ‘संगमरमर’ मेरे बहुत करीब है, क्योंकि यह मेरे पिता की पसंदीदा कहानियों में से एक रही है। मैं जियो स्?
सूरज बड़जात्या बोले- अच्छी कहानी अपनी जगह बना लेती है:एक्शन के शोर के बीच ‘संगमरमर’ में पारिवारिक मूल्यों और लंबे प्रेम सफर की कहानी
By worldprime
On: फ़रवरी 27, 2026 5:30 पूर्वाह्न
---Advertisement---




