अमेरिका के दिग्गज कोच मैक ब्राउन को खेल जगत के सबसे सफल और सम्मानित कोचों में गिना जाता है। 50 साल के कोचिंग करियर में उन्होंने 288 मैच जीते। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय चैंपियन बनाने वाले कोच रहे और हॉल ऑफ फेम में भी शामिल हैं। उनकी सफलता केवल स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं रही। राउन ने लीडरशिप से जुड़े चार सबक बताए, जो मैदान से लेकर कॉरपोरेट ऑफिस तक हर लीडर के काम के हैं। लीडर की असली जिम्मेदारी टीम को यह बताना कि वे जीत सकते हैं 1984 तब दिग्गज कोच बैरी स्विट्जर ने कहा था कि तुमने टीम से कहा था कि वे हार जाएंगे। ब्राउन कहते हैं, ‘जब टीम ऊंचाइयों पर हो और आत्ममुग्ध हो रही हो, तब उन पर दबाव डालें। उन्हें प्रेरित कर बताना चाहिए कि वे जीत सकते हैं.’ काम के तनाव के बीच आपस में हंसी-मजाक होना भी बहुत जरूरी है 2005 के रोज बाउल मैच से पहले ब्राउन की टीम काफी दबाव ब्राउन को एहसास हुआ कि यदि तनाव बना रहा तो हार जाएंगे। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ जोक्स शेयर कर तनाव कम करने की कोशिश की। ब्राउन कहते हैं, ‘नेता को पता होना चाहिए कि माहौल को कब अमेरिका के दिग्गज कोच मैक ब्राउन को खेल जगत के सबसे सफल और सम्मानित कोचों में गिना जाता है। 50 साल के कोचिंग करियर में उन्होंने 288 मैच जीते। वे 2005 में टेक्सास यूनिवर्सिटी को नेशनल चैम्पियन बनाने वाले कोच रहे और हॉल ऑफ फेम में भी शामिल हैं। उनकी सफलता केवल स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं रही। कोचिंग अनुभव के आधार पर ब्राउन ने लीडरशिप से जुड़े चार सबक बताए, जो मैदान से लेकर कॉर्पोरेट ऑफिस तक हर लीडर के काम के हैं। लीडर की असली जिम्मेदारी टीम को यह बताना कि वे जीत सकते हैं 1984 में अपनी टीम के खराब खेलने पर उन्होंने खिलाड़ियों को फटकारा था। टीम वह मैच हार गई। तब दिग्गज कोच बैरी स्विट्जर ने कहा था कि तुमने टीम से कहा कि वे हार जाएंगे और वे हार गए। ब्राउन कहते हैं, ‘जब टीम ऊंचाइयों पर हो और आत्ममुग्ध हो रही हो, तब उन पर दबाव डालें। लेकिन जब मुश्किल में हों और आत्मविश्वास गिरा हुआ हो, तब उन्हें प्रेरित कर बताना चाहिए कि वे जीत सकते हैं।’ काम के तनाव के बीच आपस में हंसी-मजाक होना भी बहुत जरूरी है 2005 के रोज बाउल मैच से पहले ब्राउन की टीम काफी दबाव में थी। खिलाड़ी आपस में बात तक नहीं कर रहे थे। ब्राउन को एहसास हुआ कि अगर तनाव बना रहा, तो हार जाएंगे। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ जोक्स शेयर कर तनाव कम करने का तरीका अपनाया। ब्राउन कहते हैं, ‘लीडर को पता होना चाहिए कि माहौल को कब अमेरिका के दिग्गज कोच मैक ब्राउन को खेल जगत के सबसे सफल और सम्मानित कोचों में गिना जाता है। 50 साल के कोचिंग करियर में उन्होंने 288 मैच जीते। वे 2005 में टेक्सास यूनिवर्सिटी को नेशनल चैम्पियन बनाने वाले कोच रहे और हॉल ऑफ फेम में भी शामिल हैं। उनकी सफलता केवल स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं रही। कोचिंग अनुभव के आधार पर ब्राउन ने लीडरशिप से जुड़े चार सबक बताए, जो मैदान से लेकर कॉर्पोरेट ऑफिस तक हर लीडर के काम के हैं। लीडर की असली जिम्मेदारी टीम को यह बताना कि वे जीत सकते हैं 1984 में अपनी टीम के खराब खेलने पर उन्होंने खिलाड़ियों को फटकारा था। टीम वह मैच हार गई। तब दिग्गज कोच बैरी स्विट्जर ने कहा था कि तुमने टीम से कहा कि वे हार जाएंगे और वे हार गए। ब्राउन कहते हैं, ‘जब टीम ऊंचाइयों पर हो और आत्ममुग्ध हो रही हो, तब उन पर दबाव डालें। लेकिन जब मुश्किल में हों और आत्मविश्वास गिरा हुआ हो, तब उन्हें प्रेरित कर बताना चाहिए कि वे जीत सकते हैं।’ काम के तनाव के बीच आपस में हंसी-मजाक होना भी बहुत जरूरी है 2005 के रोज बाउल मैच से पहले ब्राउन की टीम काफी दबाव में थी। खिलाड़ी आपस में बात तक नहीं कर रहे थे। ब्राउन को एहसास हुआ कि अगर तनाव बना रहा, तो हार जाएंगे। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ जोक्स शेयर कर तनाव कम करने का तरीका अपनाया। ब्राउन कहते हैं, ‘लीडर को पता होना चाहिए कि माहौल को कब
हॉल ऑफ फेम में शामिल दिग्गज कोच के लीडरशिप मंत्र:अमेरिका के फुटबॉल कोच मैक ब्राउन 50 साल तक कोच रहे; बोले- टीम जीत रही हो तो लगाम कसें, टूटने पर सहारा दें
By worldprime
On: मार्च 10, 2026 1:51 अपराह्न
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