रायपुर: छत्तीसगढ़ में पुलिस तंत्र में फैले भ्रष्टाचार और अपराधीकरण को रोकने के लिए राज्य सरकार की सुस्ती तो जनता के सामने है, लेकिन हाल ही में एक कार्रवाई ने सुर्खियां बटोरी हैं। अवैध वसूली के मामले के सामने आते ही गृह विभाग ने बिलासपुर में तैनात एएसपी राजेंद्र जायसवाल को तुरंत निलंबित कर दिया। जबकि बिलासपुर रेंज के आईजी ने एएसपी पर लगे आरोपों की जांच के लिए एक सप्ताह का समय निर्धारित किया था। इसके बावजूद आरोपित एएसपी को अपना पक्ष रखने के लिए 24 घंटे का भी मौका नहीं दिया गया और राज्य सरकार ने उसे निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। इस त्वरित कार्रवाई के बाद बिलासपुर रेंज के आईजी और एसएसपी की जांच रिपोर्ट की वैधता पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में राज्य सरकार की यह त्वरित कार्रवाई सराहनीय मानी जा रही है। वहीं, एक अन्य मामले में डीएसपी कल्पना वर्मा की जांच रिपोर्ट लंबे समय से लंबित है और इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसे गृह विभाग के दोहरे मापदंड के रूप में देखा जा रहा है।
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By worldprime
On: जनवरी 23, 2026 6:15 अपराह्न
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