रायपुर, 2 जनवरी 2026। रायपुर कोर्ट में आज अमित बघेल को पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 16 जनवरी तक ज्यूडिशल कस्टडी में भेज दिया। उनके खिलाफ अपराध क्रमांक 243/25, 338/25, 329/25, 340/2035 और धारा 299 के तहत कार्रवाई की गई थी। अन्य प्रकरणों में उन्हें 12 जनवरी को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, अमित बघेल पर भिलाई, छिंदवाड़ा और बेंगलुरु में भी FIR दर्ज हैं। पुलिस ने अदालत से अनुमति लेकर इन मामलों में भी उनकी गिरफ्तारी की थी। अग्रवाल समाज की ओर से 6 बिंदुओं पर उनकी जमानत याचिका खारिज करने की अपील की गई। आपत्तिकर्ता अशोक कुमार अग्रवाल ने कोर्ट में कहा कि आरोपी के खिलाफ दर्ज अपराधों को देखते हुए जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
मामला 26 अक्टूबर 2025 का है, जब रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को तोड़ा गया था। अगले दिन अमित बघेल मौके पर पहुंचे और हंगामा किया। इस दौरान उनके समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई। हंगामे के बाद मूर्ति को दोबारा स्थापित किया गया।
पुलिस ने आरोपी को राम मंदिर के पास से गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि बघेल मानसिक रूप से अस्वस्थ था और नशे की हालत में उसने मूर्ति तोड़ी थी। इसके अलावा, उसने अग्रवाल और सिंधी समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की थीं, जिससे इन समाजों में भारी आक्रोश फैल गया।
रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा सहित कई जिलों और राज्यों में समाज के लोगों ने विरोध जताते हुए FIR दर्ज कराई। सिंधी समाज के पदाधिकारियों ने भी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
मुख्य पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब सभी प्रकरणों की सख्ती से जांच जारी है और कोर्ट की निगरानी में आगे की कार्रवाई होगी।





