पिछले महीने पंजाब के पटियाला में पूर्व आईजी अमर सिंह चहल ने खुद को गोली मार ली थी। उन्होंने 12 पन्नों के सुसाइड नोट में बताया कि उनके साथ 8.10 करोड़ रुपए का ऑनल पूर्व आईजी एक ऐसे समूह की चपेट में आ गए जो व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर सक्रिय था। साइबर ठगों ने खुद को बैंकर और वेल्थ इक्विटी एडवाइजर बताया इस समूह में एक व्यक्ति खुद को डीबीएस बैंक का सीईओ बताकर शेयर बाजार, आईपीओ और ट्रेडिंग के बारे में टिप्स देता था। समूह के निवेशकों को ऑनलाइन डैशबोर्ड पर उच्च रिटर्न दिखाया गया था, जिससे लोगों को भारी मुनाफा देखकर निवेश करना पड़ा। लेकिन जब पैसे निकालने की बारी आई, तो सर्वि शुल्क, कर और सदस्यता के नाम पर उनसे फिर से पैसे ठग लिए गए। आप हर हफ्ते इस लेख में विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड के बारे में पढ़ते हैं। सी कॉलम में हम निवेश धोखाधड़ी पर चर्चा करेंगे और जानेंगे कि यह क्या होता है। निवेश धोखाधड़ी क्या है? उत्तर: निवेश धोखाधड़ी का अर्थ है निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, जिसमें कोई व्यक्ति या कंपनी अधिक मुनाफे के लालच में लोगों को फंसाता है। कम समय में बड़े मुनाफे का वादा किया जाता है। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए छोटी राशि पर लाभ दिखाया जाता है।
साइबर लिटरेसी: फर्जी स्कीम में 8 करोड़ रुपये खोने से बचें निवेश करते समय सावधानी बरतें, इन 6 गलतियों से बचें और निवेश करने से पहले इन 8 जरूरी फैक्ट चेक करें
By worldprime
On: जनवरी 25, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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