प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को 8 साल बाद दो दिन के मलेशिया दौरे पर पहुंचे। उन्हें मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम ने एयरपोर्ट पर अपनी कार से रिसीव किया। इसके बाद पीएम मोदी कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम एयरपोर्ट पर मेरा स्वागत करने आए। वे मुझे अपनी कार से यहां लाए। इतना ही नहीं, उन्होंने मुझे अपनी सीट पर भी बैठाया। उन्होंने कहा, यह खास सम्मान भारत और भारतीय समुदाय के प्रति उनके प्यार को दिखाता है। भारत जल्द यहां अपना पमेंट सिस्टम UPI लॉन्च करेगा। मोदी ने कहा- पिछले साल मैं आसियान शिखर सम्मेलन के लिए मलेशिया नहीं आ सका था, लेकिन मैंने अपने दोस्त से वादा किया था कि मैं जल्द मलेशिया आऊंगा। आज मैं अपना वादा निभाने आया हूं। साल 2026 में यह मेरी पहली विदेश यात्रा है। पीएम मोदी बोले- भारतीयों ने रोटी चनाई को मलाबार परोट्टा से जोड़ा पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से कहा कि आपने रोटी चनाई को मलाबार परोट्टा से जोड़ा है। नारियल, मसाले और चाय भी हमारे रिश्ते को जोड़ते हैं। चाहे कुआलालंपुर हो या कोच्चि, स्वाद एक जैसे लगते हैं। हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं, शायद इसलिए क्योंकि हमारी भाषाओं और मलय भाषा में कई शब्द समान हैं। मोदी ने कहा- मैंने सुना है कि मलेशिया में भारतीय संगीत और फिल्में काफी लोकप्रिय हैं। प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम बहुत अच्छा गाते हैं, लेकिन भारत में बहुत से लोगों को यह बात पहले नहीं पता थी। उनके पिछले भारत दौरे के दौरान जब उन्होंने एक पुराना हिंदी गीत गाया, तो उसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। भारतीय पीएम ने कहा कि यह जानकर खुशी होती है कि प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को महान अभिनेता और नेता MGR के तमिल गीत बहुत पसंद हैं। मोदी ने इंडियन कल्चरल सेंटर का नाम सुभाष चंद्र बोष के नाम पर रखा पीएम मोदी ने मलेशिया में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रखा। उन्होंने ऐलान किया कि कुआलालंपुर में मौजूद इंडियन कल्चरल सेंटर को अब नेताजी सुभाष चंद्र बोष इंडियन कल्चरल सेंटर (NSCBICC) कहा जाएगा। मोदी ने कहा कि दुनिया भारत को सिर्फ एक बड़ा बाजार मानती थी, लेकिन अब भारत निवेश और व्यापार का एक बड़ा केंद्र बन चुका है। आज भारत को विकास के लिए एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखा जाता है। चाहे ब्रिटेन हो, UAE, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ओमान, यूरोपीय संघ (EU) या अमेरिका, कई देशों ने भारत के साथ व्यापार समझौते किए हैं। भारत आपके दिलों में एक खास जगह रखता है। 2001 में गुजरात में भूकंप आया था। उस समय आप सभी (भारतीय समुदाय) ने मिलकर भारत की मदद की थी। इसके लिए सभी को धन्यवाद। भारत को आजाद कराने के लिए आपके पूर्वजों ने बड़े बलिदान दिए थे। उनमें से कई के भारत में रिश्तेदार और पड़ोसी थे, फिर भी वे सबसे पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में शामिल होने वालों में थे। भारत हमेशा आप सभी को खुले दिल से अपनाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया, जिसके तहत मलेशिया में भारतीय मूल के लोगों को छठी पीढ़ी तक OIC कार्ड की सुविधा दी गई है। मलेशिया के प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय चर्चा करेंगे PM मोदी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों देश यह देखेंगे कि भारत और मलेशिया के बीच बनी ‘कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ में अब तक कितना डेवलपमेंट हुआ है और आगे क्या किया जा सकता है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बातचीत में व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और लोगों के आपसी संपर्क जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान 8 फरवरी को भारत–मलेशिया सीईओ फोरम की 10वीं बैठक भी कुआलालंपुर में होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री मलेशिया के बड़े उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। मलेशियाई PM बोले- हमारे भारत के साथ ऐतिहासिक रिश्ते मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी है और वे आभारी हैं कि भारत से उनके एक अच्छे दोस्त मलेशिया आए हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम भारत और मलेशिया के बीच पुराने और मजबूत रिश्ते को दिखाता है। उन्होंने कहा कि दूतावास और व्यापार समझौते बनने से बहुत पहले ही भारत और मलेशिया के बीच समुद्र के रास्ते संपर्क था। उस समय व्यापारी, विद्वान और नाविक भारत और मलय क्षेत्र के बीच आते-जाते थे। उन्होंने भारत में मनाए जाने वाले पुराने समुद्री उत्सव बालीयात्रा का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने PM मोदी से कहा कि जब मलेशिया ने अपनी अलग-अलग संस्कृतियों के साथ एक मजबूत देश बनाना शुरू किया, तब भारतीय समुदाय इसमें एक अहम भागीदार था। उन्होंने कहा कि मलेशिया का भारतीय समुदाय उनके लिए भाई-बहन जैसा है और देश के विकास की यात्रा का हिस्सा रहा है। मलेशिया में 29 लाख भारतीय रहते हैं इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे। मलेशिया में लगभग 29 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और मलेशिया के रिश्ते बहुत पुराने हैं और इतिहास, संस्कृति और सभ्यता से जुड़े हुए हैं। मलेशिया में रहने वाले भारतीयों का इतिहास भी काफी पुराना है और उन्होंने भारत के आजादी के आंदोलन में भी भूमिका निभाई थी। विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा कि भारत और मलेशिया आपसी व्यापार को बैलेंस करने और लंबे समय तक आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इसके लिए भारत-मलेशिया ‘कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कॉर्पोरेशन एग्रीमेंट’ की समीक्षा की जा रही है। ASEAN के लिहाज से क्यों अहम है यह दौरा मलेशिया ASEAN का एक अहम सदस्य देश है और ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा भारत-ASEAN संबंधों को नई ताकत दे सकती है। भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ में ASEAN हमेशा से केंद्रीय भूमिका में रहा है और मलेशिया इस ग्रुप में भारत का एक भरोसेमंद साझेदार है। खास बात यह है कि भारत इस समय ASEAN के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (AITIGA) को अपडेट करने की कोशिश कर रहा है। मौजूदा समझौते को लेकर भारत को लंबे समय से यह शिकायत रही है कि इससे व्यापार घाटा बढ़ा है और भारतीय कंपनियों को बराबर का फायदा नहीं मिल पा रहा। भारत का आसियान के साथ व्यापार घाटा 2022-23 में यह लगभग 43 अरब डॉलर तक पहुंच गया। ऐसे में पीएम मोदी का यह दौरा AITIGA को ज्यादा बैलेंस और आधुनिक बनाने के लिए ASEAN देशों का समर्थन जुटाने में मदद कर सकता है। भारत-मलेशिया के रिश्तों में जाकिर नाइक की वजह से तनाव जाकिर नाइक भारत और मलेशिया के रिश्तों में बार-बार तनाव की वजह बनता है। भारत में जाकिर नाइक पर मनी लॉन्ड्रिंग और कट्टरता फैलाने के केस दर्ज है। गिरफ्तारी के डर से वह 2016 में मलेशिया भाग गया था। जून 2017 में कोर्ट ने नाइक को अपराधी घोषित किया था। उस पर मलेशिया में अल्पसंख्यक हिंदुओं और चीन के लोगों की भावनाएं आहत करने का भी आरोप है। भारत चाहता है कि मलेशिया उन्हें भारत को सौंपे, ताकि कानून के मुताबिक उन पर मुकदमा चलाया जा सके। हालांकि उसे मलेशिया में स्थायी निवास (परमानेंट रेजीडेंसी) मिली हुई है।
मलेशिया पहुंचे मोदी को रिसीव करने पहुंचे PM इब्राहिम:प्रधानमंत्री बोले- ये उनका भारतीयों के लिए प्रेम, यहां जल्द UPI लॉन्च करेंगे
By worldprime
On: फ़रवरी 7, 2026 7:46 पूर्वाह्न
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