साल था 1933 और तारीख थी 14 फरवरी। इसी सुबह दिल्ली की गलियों में एक बच्ची ने जन्म लिया। नाम था मुमताज जहां बेगम देहलवी, जो आगे चलकर भारतीय सिनेमा की सबसे सुंदर और सबसे यादगार एक्ट्रेस में से एक बनीं। हम बात कर रहे हैं एक्ट्रेस मधुबाला की, जिन्होंने मुगल-ए-आजम, हावड़ा ब्रिज, काला पानी, चलती का नाम गाड़ी और बरसात की रात जैसी फिल्मों में काम किया है। फिल्म मुगल-ए-आजम में उनका अनारकली का किरदार भारतीय सिनेमा के सबसे प्रसिद्ध किरदारों में से एक है। मधुबाला की आज 93वीं बर्थ एनिवर्सरी है। इस मौके पर आइए, उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ किस्से जानते हैं। मधुबाला, अताउल्लाह खान और आयशा बेगम की 11 संतानों में पांचवीं संतान थीं। उनके चार भाई-बहन बचपन में ही चल बसे थे। उनके पिता अताउल्लाह खान पेशावर घाटी के स्वाबी जिले से थे और यूसुफुजई पश्तून कबीले से संबंध रखते थे। वे दिल्ली में इम्पीरियल टोबैको कंपनी में नौकरी करते थे। परिवार को यह पता नहीं था कि मधुबाला को जन्म से ही वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट नाम की दिल की बीमारी थी, जिसे आमतौर पर “दिल में छेद” भी कहा जाता है। बता दें कि उस समय इसका कोई इलाज नहीं था। मधुबाला के बचपन की बात करें तो घर में सख्त अनुशासन, परंपराओं का दबाव और पैसों की किल्लत ये सब उनकी दुनिया का हिस्सा थे। स्कूल की चौखट उन्होंने कभी नहीं देखी, लेकिन शब्दो?
मधुबाला की 93वीं बर्थ एनिवर्सरी:दिलीप कुमार ने ‘सॉरी’ नहीं कहा तो टूटा रिश्ता, एक्ट्रेस की खूबसूरती देख डायलॉग्स भूल जाते थे धर्मेंद्र
By worldprime
On: फ़रवरी 14, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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