किताब का नाम: हिमालय में तेरह मास: एक भिक्षु का साधना-वृत्तांत (‘थर्टीन मंथ्स इन द हिमालयज’ का हिंदी अनुवाद) लेखक: ओम स्वामी अनुवाद: आशुतोष गर्ग प्रकाशक: मंज आम तौर पर लोग रिटायरमेंट के बाद शांति की तलाश करते हैं। इसके लिए ‘एकांतवास’ चुनते हैं। कुछ छोड़कर हिमालय पर तपस्या करने चले जाएँ? प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और लेखक ओम स्वामी की पुस्तक ‘हिमालय में तेरह मास: एक भिक्षु का साधना – वृत्तांत’ इस असाधारण यात्रा का जीवंत दस्तावेज है। एक यात्रा वृत्तांत नहीं है। यह उस कठिन साधना की यात्रा है, जिसे पूरा करने का साहस आधुनिक युग में बहुत कम लोग जुटा पाते हैं। उन्होंने 12000 फीट की ऊंचाई पर शून्य से नीचे के तापमान, भूख और जंगली जानवरों के डर के बीच 13 महीने बिताए। यह पुस्तक हमें बताती है कि साधना या आत्म-साक्षात्कार कोई कोई जादुई घटना नहीं है, बल्कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और अटूट श्रद्धा का परिणाम है। इस पुस्तक का उद्देश्य और महत्व इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य आध्यात्मिकता के पीछे छिपा हुआ है पुस्तक हमें सिखाती है कि अगर लक्ष्य बड़ा है तो उसे पाने के लिए ‘पागलपन’ के साथ समर्पण करना आवश्यक है। खुशी के दौर में इस किताब ‘द
पुस्तक समीक्षा: हिमालय में 13 महीने की साधना: करोड़ों का साम्राज्य छोड़ साधक की संन्यासी बनने की कहानी, जिसमें छुपा है असली खुशी का सूत्र
By worldprime
On: फ़रवरी 19, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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