अमेरिका ने स्कूलों में किताबों की जगह लैपटॉप-टैबलेट पर 2024 में 2.72 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसका असर उल्टा पड़ा। न्यूरोसाइंटिस्ट जेरेड कूनी होर्वाथ के मुताबिक, तकनीक तक अभूतपूर्व पहुंच के बावजूद जेन जी पिछली पीढ़ियों के मुकाबले संज्ञानात्मक रूप से कम सक्षम दिख रहे हैं और कॉमन टेस्ट में भी स्कोर गिरे हैं। होर्वाथ ने अमेरिकी सीनेट को बताया कि पिछले दस सालों में बच्चों की सीखने और समझने की क्षमता कम हुई है। दुनियाभर के आंकड़ों के अनुसार, स्कूल में कंप्यूटर और स्क्रीन पर अधिक समय बिताने वाले बच्चों के टेस्ट स्कोर खराब रहे हैं। उनके मुताबिक, पढ़ाई के दौरान तकनीक का बेरोकटोक इस्तेमाल और 2007 में आईफोन आने के बाद यह समस्या और गंभीर हो गई है, जिससे बच्चों की मानसिक एकाग्रता और सीखने की शक्ति पर बुरा असर पड़ा है। होर्वाथ ने कहा, यह बहस तकनीक को खारिज करने की नहीं है, बल्कि यह देखने की है कि शैक्षिक टूल्स को इंसानी सीखने के तरीके के साथ कैसे जोड़ा जाए। सोशल मीडिया और गेमिंग की लत से बच्चों में अवसाद सैन डिएगो स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर जीन ट्वेंगे के अनुसार, अत्यधिक स्क्रीन टाइम बच्चों की एकाग्रता खत्म कर रहा है, जो सीखने की प्रक्रिया के लिए हानिकारक है। सोशल मीडिया और गेमिंग एप्स को जानबूझकर इस तरह डिजाइन कि
अमेरिका में डिजिटल पढ़ाई पर ज्यादा खर्च का उल्टा असर:एक्सपर्ट्स का दावा- लैपटॉप-टैबलेट पर जोर देने से जेन जी की काबिलियत घटी, कॉमन टेस्ट में स्कोर गिरे
By worldprime
On: फ़रवरी 23, 2026 1:46 अपराह्न
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