Balrampur Afim Kheti: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक बार फिर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। इस बार कोरंधा थाना क्षेत्र में करीब ढाई एकड़ जमीन पर अफीम की फसल लगी मिली, जिसे प्रशासन की टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उखड़वाकर नष्ट कर दिया।
जानकारी के अनुसार खजूरी गांव के तुर्रीपानी इलाके में भी करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अफीम की खेती होने का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि यहां तीन किसानों की जमीन पर अफीम उगाई जा रही थी। ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई की।

13-14 साल की लड़कियों से कराई जा रही थी मजदूरी
ग्रामीणों के अनुसार त्रिपुरी पंचायत के सरनाटोली मोहल्ले में अफीम के खेतों में 13-14 साल की नाबालिग लड़कियों से मजदूरी कराई जा रही थी। खेतों में काम करने के बदले उन्हें करीब 300 रुपए मजदूरी दी जाती थी। गांव के कुछ लोग ही इन नाबालिग मजदूरों को खेतों में काम के लिए उपलब्ध करवाते थे।
बताया जा रहा है कि गांव की एक नाबालिग मजदूर लड़की को रांची भगाकर ले जाने की घटना के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी।

झारखंड में सख्ती के बाद छत्तीसगढ़ का रुख
जानकारों का कहना है कि झारखंड में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ सख्ती बढ़ने के बाद यह नेटवर्क अब छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे इलाकों में सक्रिय हो गया है। खजूरी गांव झारखंड सीमा से लगा हुआ है, जिसके कारण यहां अफीम की खेती का नेटवर्क फैलने की आशंका जताई जा रही है।

पहले भी पकड़ी जा चुकी है बड़ी खेप
गौरतलब है कि इससे पहले त्रिपुरी घोसराडांड़ इलाके में 3.67 एकड़ जमीन पर अवैध अफीम की खेती पकड़ी गई थी। उस मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और करीब 4,344 किलोग्राम अफीम जब्त की थी, जिसकी कीमत लगभग 4.75 करोड़ रुपए आंकी गई थी। हालांकि इस मामले में मुख्य सरगना और एक भाजपा नेता की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है।
Balrampur Afim Kheti: बलरामपुर में उखाड़ी गई अफीम की फसल, 5 लोग हिरासत में





