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केजरीवाल-सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया:शराब नीति मामले में हाईकोर्ट के समन को चुनौती, जज बदलने की मांग; ट्रायल कोर्ट से बरी हो चुके

On: मार्च 15, 2026 7:40 अपराह्न
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केजरीवाल सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया:शराब नीति मामले में हाईकोर्ट के समन को चुनौती, जज बदलने की मांग; ट्रायल कोर्ट से बरी हो चुके
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दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई कर रहे जज को बदलने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की है। वहीं सिसोदिया ने हाईकोर्ट के समन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को केजरीवाल, सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को एक्साइज पॉलिसी केस में डिस्चार्ज (रिहा) कर दिया था। इसी दिन CBI ने हाईकोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी। 9 मार्च को हाईकोर्ट के जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने CBI की याचिका पर केजरीवाल, सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। CBI की अपील पर अब 16 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। इसी बीच AAP नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जांच अधिकारी के खिलाफ डिपार्टमेंटल एक्शन पर भी रोक 9 मार्च की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की CBI अधिकारियों के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक लगा दी। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने यह भी निर्देश दिया कि संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) मामले में ट्रायल कोर्ट आगे की सुनवाई तब तक टाल दे, जब तक हाईकोर्ट इस मामले पर आगे सुनवाई न कर ले। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एजेंसी फिलहाल डिस्चार्ज आदेश पर रोक नहीं चाहती, लेकिन यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ट्रायल कोर्ट का फैसला ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच को प्रभावित न करे। हाईकोर्ट ने एक्साइज पॉलिसी केस की जांच करने वाले CBI ऑफिसर के खिलाफ डिपार्टमेंटल एक्शन लेने के ट्रायल कोर्ट के ऑर्डर पर रोक लगा दी है। बरी होने पर केजरीवाल ने कहा था- मैंने सिर्फ ईमानदारी कमाई 27 फरवरी को बरी होने के बाद कोर्ट से बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान केजरीवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा- मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। आज ये साबित हो गया कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं। वहीं, कोर्ट के फैसले पर मनीष सिसोदिया ने कहा- हमें एक बार फिर गर्व हो रहा हैं अपने संविधान पर और बी.आर. अंबेडकर पर, जिन्होंने हमें ऐसा संविधान दिया। सच की फिर से जीत हुई है। पूरी खबर पढ़ें… CBI का दावा- केजरीवाल के करीबी ने साउथ ग्रुप से ₹100 करोड़ वसूले सीबीआई का दावा है कि केजरीवाल के करीबी विजय नायर दिल्ली एक्साइज बिजनेस के स्टेकहोल्डर्स के संपर्क में थे। वे शराब नीति में उन्हें फायदा देने के बदले पैसों की मांग करते थे। नायर वो जरिया थे, जिन्होंने केजरीवाल के लिए BRS नेता के. कविता की अध्यक्षता वाले साउथ ग्रुप के लोगों से डील की। नायर ने ही शराब नीति में फायदा देने के बदले में साउथ ग्रुप के लोगों से ₹100 करोड़ वसूले थे। दो अन्य आरोपियों- विनोद चौहान और आशीष माथुर के माध्यम से इन पैसों को गोवा भेजा गया। केजरीवाल के निर्देश पर इस ₹100 करोड़ की रकम में से ₹44.5 करोड़ कैश गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किया या। इसलिए केजरीवाल चुनाव के दौरान गलत तरीके से कमाए पैसों का इस्तेमाल करने के भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि इसका फायदा आम आदमी पार्टी को ही मिला है। दो पूर्व विधायकों ने चुनाव में पार्टी से पैसे मिलने का दावा किया था CBI के अनुसार AAP के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले गोवा के दो पूर्व विधायकों ने आरोप लगाया था कि उन्हें एक पार्टी वालंटियर ने चुनाव खर्चों के लिए कैश दिए थे। एजेंसी ने अवैध रुपए लेने और उसके इस्तेमाल के लिए AAP के गोवा प्रभारी दुर्गेश पाठक को भी जिम्मेदार ठहराया है। एजेंसी का दावा है कि शराब नीति के तीन स्टेकहोल्डर्स- शराब निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं का एक गुट तैयार हुआ था। सभी ने अपने-अपने फायदे के लिए नियमों का उल्लंघन किया। पब्लिक सर्वेंट्स और साजिश में शामिल अन्य आरोपियों को आर्थिक लाभ मिला, लेकिन सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। BJP का पोस्टर- AAP के पाप अभी पाप धुले नहीं हैं BJP ने केजरीवाल-सिसोदिया के बरी होने के कुछ देर बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी किया, जिसमें लिखा है- AAP के पाप अभी पाप धुले नहीं हैं। ————— ये खबर भी पढ़ें… केजरीवाल बोले- कोर्ट का फैसला भाजपा के मुंह पर तमाचा:हमें खत्म करने के लिए मोदी खुद इस केस की मॉनिटरिंग कर रहे थे आम आदमी पार्टी(AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कथित शराब घोटाले में कोर्ट का फैसला भारतीय जनता पार्टी के मुंह पर जोरदार तमाचा है। उन्होंने दिल्ली के जंतर मंतर पर 1 मार्च को एक रैली में कहा कि AAP को खत्म करने के लिए मोदी जी खुद इस केस की मॉनिटरिंग कर रहे थे। उन्होंने मोदी और शाह पर 4 साल तक परेशान करने का आरोप लगाया। पूरी खबर पढ़ें…

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